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अब 'आधार' के बिना काशी में भी नहीं मिलेगी मुक्ति, अंतिम संस्कार के लिए हुआ जरूरी
30-May-2018 03:56 PM 32366     

जिंदगी के हर क्षेत्र में आधार कार्ड जरूरी हो गया है, चाहे वो मोबाइल फोन, रसोई गैस बैंक या फिर सरकारी कोई कागजात हो इन सबके बाद व्यक्ति को अब मरने के बाद भी आधार कार्ड की जरूरत होगी जी हां काशी के मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है इसलिए यदि आप किसी अपने के अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं तो उनका आधार कार्ड भी अपने साथ रखिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) के सहयोग से काशी में नई व्यवस्था शुरू की है शव वाहिनी मोटरबोट की सुविधा उसे ही मिलेगी जिसके पास मृतक से संबंधित पहचान पत्र मौजूद हों दरअसल प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही मोदी ने वाराणसी में सबसे पहले मणिकर्णिका घाट के विकास व शव यात्रियों की सुविधाओं को लेकर दिलचस्पी दिखाई थी मोदी की पहल पर गुजरात की सामाजिक संस्था सुधांशु मेहता फाउंडेशन आगे आई फाउंडेशन की ओर से पहला शव वाहिनी स्टीमर 28 मार्च 2015 को मुफ्त उपलब्ध कराया गया जिसका शुभारंभ केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली व संत मोरारी बापू ने किया था फाउंडेशन की ओर से वर्तमान में गंगा में चार शव वाहिनी स्टीमर की सुविधा दी गई है दरअसल वाराणसी में बिहार व आस-पास के जिलों से भी शव लेकर लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं नई व्यवस्था के तहत अब शव लेकर लोग पहले भैंसासुर घाट जाते हैं और वहां से शव वाहिनी मोटरबोट से मणिकर्णिका या हरिश्चंद्र घाट !

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