नई दिल्ली - सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। घरेलू वायदा बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमत करीब 2 प्रतिशत तक टूट गई, जबकि चांदी में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। सोने का भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
23 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे सोने का भाव 0.78 प्रतिशत गिरकर 4,000.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
इसी दौरान चांदी की कीमत में भी कमजोरी रही। इसका भाव करीब 1.84 प्रतिशत गिरकर 53.995 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है। हालांकि, भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव पर रुपये की विनिमय दर और स्थानीय मांग जैसे कारकों का भी प्रभाव रहता है।
घरेलू बाजार में सोने की कीमत में गिरावट
देश के वायदा बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र में भी सोने की कीमत में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। लगातार हो रही इस हलचल के कारण निवेशकों और सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की नजर बाजार के अगले रुझान पर बनी हुई है।
चांदी ₹2 लाख प्रति किलो से नीचे
चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। इसके बाद घरेलू बाजार में चांदी लगभग 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी। चांदी का भाव 2 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे आने के बाद उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो निवेश या औद्योगिक इस्तेमाल के लिए इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के कारण खरीदारी से पहले मौजूदा भाव की पुष्टि करना जरूरी है।
सोने-चांदी के दाम क्यों बदलते हैं?
सोने और चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, निवेशकों की खरीद-बिक्री और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। चांदी की कीमत पर औद्योगिक मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि कीमतें आगे भी लगातार नीचे जाएंगी। बाजार में तेजी या गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है।
खरीदारों के लिए जरूरी बात: यहां दिए गए भाव उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों पर आधारित हैं और इनमें दिनभर बदलाव हो सकता है। गहने खरीदते समय अपने शहर के ताजा खुदरा भाव, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स की जानकारी जरूर लें।