मुंबई | भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में ऊंचे स्तर पर खुले, लेकिन जल्द ही दबाव में आ गए। कच्चे तेल की कीमतों, होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
560 अंक तक फिसला सेंसेक्स
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 74,729.27 के मुकाबले करीब 120 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,849.30 पर खुला। हालांकि, शुरुआती तेजी बरकरार नहीं रह सकी और कारोबार के दौरान सूचकांक 560 अंक तक फिसलकर 74,169.23 के निचले स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 ने 23,150.85 पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 23,146.15 था। शुरुआती कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव
व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.54 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि दबाव केवल प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों तक सीमित नहीं था।
PSU बैंक शेयरों में तेजी, IT और प्राइवेट बैंकिंग पर दबाव
सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे मजबूत सूचकांकों में रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इसके उलट, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी आईटी और निफ्टी केमिकल्स में बिकवाली का दबाव रहा। इन सूचकांकों में गिरावट करीब 1 प्रतिशत तक पहुंच गई। पिछले सप्ताह निफ्टी में दर्ज 2.8 प्रतिशत की तेजी और आईटी कंपनियों के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद बाजार को बैंकिंग क्षेत्र की मजबूत आय रिपोर्टों से सहारा मिलने की उम्मीद है।
होर्मुज तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बनीं चिंता
वैश्विक बाजारों के लिए होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव बड़ी चिंता बना हुआ है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से भारत जैसे तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत फिसलकर 107.76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 100.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी, घरेलू संस्थानों की बिकवाली
निवेशकों के रुझान में भी बदलाव देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्र में 15 लगातार सत्रों तक शुद्ध बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध खरीदार बने। उन्होंने करीब 1,166 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 45 कारोबारी सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ते हुए लगभग 3,661 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के इस विपरीत रुझान पर बाजार की नजर बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई सूचकांक 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.83 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे। इसके विपरीत, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट सूचकांक 5 प्रतिशत से अधिक टूट गया।
कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली हावी रही। निवेशकों की नजर अब वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, संस्थागत निवेशकों के रुझान और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।