जबलपुर, एमपी हाईकोर्ट ने एक बैंक कर्मचारी के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है। कर्मचारी को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर दिया गया था। बेटे ने नौकरी के लिए अपील की थी, जिसे बैंक ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामला सागर के रहने वाले मोहम्मद इकबाल का है। वे सेंट्रल बैंक में स्पेशल असिस्टेंट थे। 55 साल की उम्र में उन्हें मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं। बैंक के मेडिकल बोर्ड ने उन्हें काम करने के लिए मानसिक रूप से अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद इकबाल ने वीआरएस ले लिया।
मध्य प्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट ने एक नेशनल बैंक को कर्मचारी के मानसिक बीमारी के कारण वीआरएस लेने पर उसके बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने बैंक को आदेश का पालन करने के लिए दो महीने का समय दिया है।