छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन और राज्य अलंकरण समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक समृद्ध भारत के निर्माण के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है, और इस प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ अब देश के लिए एक आदर्श बन चुका है, जहां नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की।
उन्होंने “छत्तीसगढ़ कलाकार पंजीयन भुगतान नियम 2021” के तहत लोक संस्कृति को बढ़ावा देने और देश-विदेश में इसके प्रचार के उद्देश्य से राज्य अलंकरण प्राप्त कलाकारों के लिए एक नया ग्रेड ‘ए1’ निर्धारित करने की बात कही।
यह ग्रेड कला, संगीत, नृत्य, नाट्य और गायन के क्षेत्र में सम्मानित कलाकारों के लिए होगा।
‘ए’ श्रेणी के कलाकारों के लिए घोषणा
साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ‘ए’ श्रेणी के कलाकारों की कार्यक्रम स्वीकृति सीमा को 10 से बढ़ाकर 20 किया जाएगा, जबकि ‘बी’ श्रेणी के कलाकारों की अधिकतम स्वीकृत कार्यक्रम संख्या 12 से बढ़ाकर 24 कर दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, हर बैठक में ग्रेड निर्धारण समिति में अधिकतम तीन प्रतिष्ठित कला विशेषज्ञों को अशासकीय सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
इस राज्य का उदय एक महत्वपूर्ण क्षण था: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्य अलंकरण से सम्मानित सभी विभूतियों को बधाई देते हुए यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के 36 सम्मान ने उन्हें प्रेरणा दी।
धनखड़ ने छत्तीसगढ़ के इतिहास की सराहना करते हुए कहा कि इस राज्य का उदय एक महत्वपूर्ण क्षण था, और यहां की सांस्कृतिक समृद्धि तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ को 2000 में एक विशेष पहचान मिली, और इसे बनाने में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की अहम भूमिका रही।
अटल जी की नीतियों की प्रशंसा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने बिना किसी पीड़ा के तीन नए राज्यों का गठन किया, जिससे यहां की भावनात्मक और सामाजिक एकता को बल मिला। अगले साल छत्तीसगढ़ अपने स्वर्णिम काल में प्रवेश करेगा, जो भारत के अमृत काल के साथ तालमेल बनाएगा।
छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ: राज्यपाल
राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि वह असम राज्य से आते हैं, जो हरा-भरा और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ और असम के बीच कई समानताओं का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों राज्य प्रकृति से संपन्न हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है, जो इस राज्य की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर को दर्शाता है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शानदार प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़, एक युवा राज्य होने के बावजूद, न केवल आर्थिक विकास में बल्कि समग्र विकास में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें राज्य के हर नागरिक का उत्थान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्थापना दिवस के मौके पर आगामी वर्ष में राज्य की रजत जयंती मनाने की घोषणा की और इसके बाद राज्य के स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ने की बात की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ के समृद्ध और उज्जवल भविष्य की ओर एक कदम और बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की माताएं और बहनें आगामी विकास की शक्ति हैं, और उनकी महतारी वंदन योजना के माध्यम से वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र सशक्तिकरण की कुंजी बताया और इसे अत्यंत महत्वपूर्ण कदम के रूप में चित्रित किया।
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