नवंबर की शुरुआत गर्म रही है। पिछले दस साल का रिकॉर्ड देखा जाए तो इस वजह सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ है। दिन व रात का तापमान सामान्य से ऊपर होने की वजह से ठंड का अहसास नहीं हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के बाद जब जम्मू-कश्मीर राज्य में बर्फबारी होगी, उसके बाद उत्तर से आने वाली हवा मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ाएगी।
हालांकि ग्वालियर में अगले दो हफ्ते तक मौसम में ज्यादा बदलाव के आसार नहीं है। इस कारण दिन में गर्मी बरकरार रहेगी। क्योंकि कश्मीर में बर्फबारी नहीं हुई है। ऐसे में उत्तर से भी ठंडी हवा नहीं आ रही है। उत्तर भारत से लगा होने के कारण मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सबसे ज्यादा ठंड का अहसास होता है।
दरअसल अक्टूबर में मौसम में बदलाव आ जाता है। रात का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और नवंबर में रात में कड़ाके की ठंड होने लगती है। इस बार मौसम में बदलाव नहीं आ रहा है। अक्टूबर बिना सर्दी के बीत गया। वैसे नवंबर के पहले सप्ताह में एसी व पंखे बंद हो जाते हैं। लेकिन इस बार दिन में भी गर्मी से राहत के लिए एसी व पंखे चलाने पड़ रहे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत होने के बाद जब कश्मीर में बर्फबारी होगी, तब उत्तर से आने वाली हवा का रुख बदलेगा तब मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ जाएगी।
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