राजधानी भोपाल में अब घर या जमीन खरीदना महंगा पड़ सकता है। शहर की 621 लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी का खर्च बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर खरीदारों पर पड़ेगा।
जिला मूल्यांकन समिति ने महज 11 महीने में दूसरी बार गाइडलाइन दरें बढ़ाने की तैयारी की है। इससे पहले पिछले वर्ष 1,312 लोकेशन्स पर औसतन 11 प्रतिशत तक गाइडलाइन दरें बढ़ाई गई थीं।
इन इलाकों में दिखेगा ज्यादा असर
नई दरों का असर शहर की कई प्राइम लोकेशन्स पर देखने को मिलेगा। खासतौर पर कोलार और अयोध्या बायपास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में प्रॉपर्टी खरीदना और महंगा हो सकता है। इन इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़े हैं, जिसके चलते बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में अंतर बढ़ गया था।
खरीदारों पर बढ़ेगा बोझ
गाइडलाइन दरें बढ़ने का मतलब है कि प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री उसी बढ़ी हुई दर के आधार पर होगी। इससे स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में इजाफा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रॉपर्टी बाजार में अल्पकालिक सुस्ती आ सकती है, हालांकि लंबे समय में यह कदम राजस्व वृद्धि और बाजार मूल्य के संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय के बाद नई दरें लागू की जाएंगी। तब तक प्रॉपर्टी खरीदारों और निवेशकों की नजर प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई है।
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