मध्य प्रदेश में हाथियों के लिए एलीफेंट कॉरिडोर बनाया जाएगा। साथ ही बफर और कोर एरिया जोन भी बनाया जाएगा। इसे अलावा एलीफेंट टास्क फोर्स भी बनाई जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसके निर्देश दिए हैं। रविवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने उमरिया में हुई हाथियों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री निवास में वन विभाग की बैठक ली। रिव्यू मीटिंग के बाद दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
सोलर फेंसिंग की व्यवस्था
वहीं मुख्यमंत्री ने बैठक में वन विभाग को मध्य प्रदेश में एलिफेंट टॉस्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि प्रदेश में राज्य स्तरीय हाथी टास्ट फोर्स गठित किया जाएगा। हाथी-मानव सह अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए हाथी मित्र बनाए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही अधिक है वहां किसानों की फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था होगी।
हाथी मित्र जन जागरूकता कार्य होंगे
यही नहीं किसानों को कृषि के अलावा कृषि वानिकी एवं अन्य वैकल्पिक कार्यों से भी जोड़ने के प्रयास होंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले समय में ऐसे वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिसमें हाथियों की बसाहट के साथ सह अस्तित्व की भावना मजबूत हो सके। केंद्रीय वन मंत्री से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। वे मार्ग दर्शन करेंगे जिससे वन विभाग इस क्षेत्र में ठोस कार्यवाही कर सके। जिन जिलों में हाथी वन क्षेत्रों में रह रहे हैं वहां हाथी मित्र जन जागरूकता के लिए कार्य करेंगे।
दोषी अधिकारियों का निलंबन
सीएम ने कहा कि हाथियों की मृत्यु की इतनी बड़ी घटना के समय फील्ड डायरेक्टर का अवकाश से वापस न आना और पूर्व में हाथियों के दल आने के संदर्भ में जो आवश्यक चिंता की जाना चाहिए, वह नहीं की गई। इस लापरवाही के लिए फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड किया गया है। साथ ही प्रभारी एसीएफ फतेहसिंह निनामा को भी निलंबित किया गया है।
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