छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए बड़ी संख्या में किसानों ने अपना पंजीयन 31 अक्टूबर तक कराया है। धान खरीदी को लेकर अब प्रदेश के सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग अंतिम चरणों में चल रही है। इस बार किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल से धान समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदी जाएगी।
बता दें कि अभी प्रदेश के कुछ हिस्सों में धान की कटाई का काम भी तेजी से चल रहा है। वहीं धान खरीदी केंद्रों पर करीब 20 नवंबर के बाद किसानों की भीड़ शुरू हो जाएगी। 14 नवंबर को धान खरीदी केंद्रों पर शुभारंभ के साथ ही खरीदी का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए किसानों को मोबाइल के माध्यम से एसएसएम भी भेजा जाएगा। इस एसएमएस में किसानों को किस तारीख को अपनी धान बेचना है, वह तारीख भी दी जाएगी।
समर्थन मूल्य 3100 रुपए पर की जाएगी खरीदी
छत्तीसगढ़ सरकार ने 14 नवंबर से धान खरीदी करेगी। इसको लेकर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जानकारी दी थी कि सरकार 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदेगी। इसके लिए सभी धान खरीदी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन का उपयोग होगा और 30 हजार गठान बारदाने की खरीदी की गई है। यह निर्णय मंत्रीमंडलीय उपसमिति की बैठक में पहले ही लिया जा चुका है।
160 लाख मीट्रिक टन की होगी खरीदी
छत्तीसगढ़ में लगभग 37.46 लाख किसान परिवार हैं, जिनमें से 80% लघु और सीमांत किसान हैं। राज्य में धान, सोयाबीन, उड़द और अरहर मुख्य खरीफ फसलें हैं। पिछले वर्ष, राज्य में समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं इस साल सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
धान का उठाव 31 मार्च तक होगा
बैठक में धान खरीदी, उठाव, कस्टम मिलिंग, और परिवहन पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव किया जाएगा। धान उठाव 31 मार्च तक अनिवार्य होगा। इसके अलावा, किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर बैठक, पेयजल, कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
31 जनवरी 2025 तक की जाएगी खरीदी
प्रदेश में धान खरीदी 14 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी। इस बीच प्रदेश के सभी धान खरीदी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तुलाई मशीन का उपयोग किया जाएगा। इस साल धान खरीदी के लिए 30 हजार गठान बारदाने की व्यवस्था सरकार ने की है। धान खरीदी के लिए किसानों ने 31 अक्टूबर 2024 तक रजिस्ट्रेशन कराया था।
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