भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय टीम के पुनर्गठन में मध्य प्रदेश का कद बढ़ता नजर आ रहा है। प्रदेश संगठन ने 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं। माना जा रहा है कि इनमें से 4 से 5 नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी टीम का गठन जल्द कर सकते हैं। इसके साथ ही विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों में भी नई नियुक्तियां होंगी।
युवा-महिला चेहरों पर दांव
पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इस बार अनुभवी नेताओं के साथ युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता मिलने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, एक या दो महिला नेताओं को भी राष्ट्रीय टीम में स्थान दिया जा सकता है, जबकि कुछ नाम मोर्चों और प्रकोष्ठों में शामिल किए जाएंगे।
पहले भी रहा है मप्र का मजबूत प्रतिनिधित्व
वर्तमान में सत्यनारायण जटिया संसदीय बोर्ड सदस्य हैं, ओम प्रकाश धुर्वे राष्ट्रीय सचिव और लाल सिंह आर्य एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में भी कैलाश विजयवर्गीय समेत चार नेताओं को स्थान मिला था। वहीं थावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे नेता राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं।
भाजपा की प्रयोगशाला फिर बनेगा मप्र?
मध्य प्रदेश को लंबे समय से भाजपा की राजनीतिक प्रयोगशाला माना जाता है। संगठनात्मक मजबूती और लगातार चुनावी सफलता के कारण यहां के नेताओं का राष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव रहा है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नितिन नवीन की टीम में मध्य प्रदेश को कितनी और कैसी भूमिका मिलती है।
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