भोपाल: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने सत्र 2026-27 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के पैटर्न में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत दो अंकों के अति लघुउत्तरीय प्रश्नों में विद्यार्थियों को अब आंतरिक विकल्प नहीं मिलेगा। हालांकि, तीन और चार अंकों के प्रश्नों में पहले की तरह विकल्प की सुविधा जारी रहेगी। एनएसक्यूएफ विषयों के कुछ प्रश्नों में भी विकल्प दिए जाएंगे। ये बदलाव आगामी बोर्ड परीक्षाओं से लागू होंगे। बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने वाली हैं और इनमें 18 लाख से अधिक विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है।
दो नंबर के सवालों में नहीं मिलेगा विकल्प
माशिमं के नए निर्देशों के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं के मुख्य विषयों के प्रश्नपत्रों में दो अंकों के अति लघुउत्तरीय प्रश्नों के लिए आंतरिक विकल्प की सुविधा समाप्त कर दी गई है।पहले विद्यार्थियों को इन प्रश्नों में विकल्प मिलता था, जिससे वे अपनी तैयारी के अनुसार किसी एक प्रश्न का चयन कर सकते थे। अब प्रश्नपत्र में दिए गए दो अंकों के निर्धारित प्रश्नों को हल करने के लिए विद्यार्थियों को सभी संबंधित अध्यायों की तैयारी करनी होगी।
इस बदलाव के बाद विद्यार्थी किसी प्रश्न का उत्तर तैयार नहीं होने पर उसके स्थान पर दूसरा विकल्प नहीं चुन सकेंगे। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रत्येक महत्वपूर्ण अध्याय और अवधारणा पर ध्यान देना जरूरी होगा।
तीन और चार अंकों के प्रश्नों में जारी रहेगी सुविधा
बोर्ड ने तीन और चार अंकों के प्रश्नों में आंतरिक विकल्प की सुविधा को बरकरार रखा है।
2 अंकों के प्रश्न: आंतरिक विकल्प नहीं मिलेगा।
3 अंकों के प्रश्न: पहले की तरह विकल्प मिलेगा।
4 अंकों के प्रश्न: पहले की तरह विकल्प मिलेगा।
इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को तीन और चार अंकों के प्रश्नों में अपनी तैयारी के अनुसार प्रश्न चुनने का अवसर मिलता रहेगा। हालांकि, दो अंकों के प्रश्नों के लिए उन्हें विषय के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों की तैयारी करनी होगी।
NSQF विषयों में बढ़ेगी विकल्प की सुविधा
माशिमं ने एनएसक्यूएफ यानी राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा के अंतर्गत आने वाले विषयों के प्रश्नपत्रों में भी बदलाव किया है। इन विषयों में पांच अंकों के दीर्घउत्तरीय और सात अंकों के निबंधात्मक प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए जाएंगे।
इससे व्यावसायिक और कौशल आधारित विषयों की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को प्रश्नों के चयन में सुविधा मिलेगी। बोर्ड के ये बदलाव सत्र 2026-27 की परीक्षाओं से लागू होंगे।
17 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं
मध्य प्रदेश बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। इन परीक्षाओं में 18 लाख से अधिक विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है।
परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को नए प्रश्नपत्र पैटर्न के अनुसार अपनी रणनीति बनानी होगी। खासतौर पर दो अंकों के प्रश्नों में विकल्प समाप्त होने के कारण सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स का नियमित रिवीजन करना जरूरी होगा।
विद्यार्थियों को अब कैसे करनी चाहिए तैयारी?
नए पैटर्न को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को सभी अध्यायों की तैयारी पर बराबर ध्यान देना चाहिए। केवल चुनिंदा प्रश्नों को याद करने के बजाय अवधारणाओं को समझना और नियमित अभ्यास करना अधिक उपयोगी रहेगा।