लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 को लेकर अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। परीक्षा केंद्र दूर मिलने की शिकायतों के बीच सोशल मीडिया पर आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें अपने गृह जिले से काफी दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। ऐसे में परीक्षा देने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। किसी को बस और ट्रेन में भीड़ की चिंता सता रही है, तो किसी के सामने समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की चुनौती है। इसी बीच झांसी रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
परीक्षा केंद्र दूर मिलने पर सोशल मीडिया पर नाराजगी
UPSSSC PET 2026 के परीक्षा केंद्रों को लेकर अभ्यर्थियों की परेशानी सोशल मीडिया पर सामने आ रही है। कई उम्मीदवारों ने दावा किया है कि उन्हें अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र मिला है। इससे यात्रा की योजना बनाने और समय पर केंद्र पहुंचने को लेकर चिंता बढ़ गई है। एक सोशल मीडिया यूजर ने एक्स पर सवाल उठाया कि जब बैंक, नीट, जेईई और एसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं में 200 किलोमीटर के दायरे में केंद्र मिल सकता है, तो पीईटी के लिए 500 किलोमीटर दूर केंद्र क्यों आवंटित किया जा रहा है? यूजर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद आयोग को लगता है कि परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थी सीधे आईएएस बन जाएंगे। पोस्ट में यह भी कहा गया कि लंबी दूरी होने से कम अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंच पाएंगे। हालांकि, ये सोशल मीडिया पर सामने आए दावे और प्रतिक्रियाएं हैं।
25 अक्टूबर से शुरू होगी UPSSSC PET 2026 परीक्षा
UPSSSC PET 2026 की परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को आयोजित की जानी है। परीक्षा उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में कराने की व्यवस्था की गई है। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। अलग-अलग तारीखों और पालियों में परीक्षा होने के कारण अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज विवरण ध्यान से देखना जरूरी है। परीक्षा की तारीख, पाली और केंद्र का सही पता जांचने के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
35.50 लाख अभ्यर्थियों के लिए बनाए गए 1,372 परीक्षा केंद्र
इस साल PET में करीब 35.50 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना बताई गई है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की परीक्षा कराने के लिए प्रदेश के 60 जिलों में कुल 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को अलग-अलग पालियों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि व्यवस्था को संभाला जा सके। हालांकि, अभ्यर्थियों की शिकायत है कि केंद्रों का आवंटन दूर होने से उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी के कारण यात्रा में अधिक समय लग सकता है और आने-जाने का खर्च भी बढ़ सकता है। कई उम्मीदवारों को परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने जिले से निकलना पड़ सकता है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के साथ यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्पेशल ट्रेनों से सफर आसान करने की कोशिश
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए आगरा, मथुरा समेत कई मार्गों पर विशेष ट्रेनें चलाने की सुविधा की जानकारी दी गई है। जरूरत के अनुसार प्रयागराज और मुरादाबाद जैसे मार्गों पर भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के एक साथ यात्रा करने से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की आशंका है। ऐसे में अतिरिक्त रेल सेवाएं अभ्यर्थियों को राहत दे सकती हैं। हालांकि, केवल ट्रेन उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं है। कई उम्मीदवारों को रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए बस, ऑटो या दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को ट्रेन के समय के साथ स्थानीय परिवहन की उपलब्धता और केंद्र तक पहुंचने में लगने वाले समय का भी ध्यान रखना होगा।
झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे अभ्यर्थी, ठहरने की चिंता
परीक्षा केंद्र दूर मिलने से अभ्यर्थियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इसकी झलक झांसी रेलवे स्टेशन से सामने आए एक वीडियो में देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र स्टेशन के बाहर पहुंचे दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि कई अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही झांसी पहुंच गए, लेकिन उनके सामने ठहरने की व्यवस्था करने की परेशानी है। ऐसे में कुछ छात्रों के रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ही रुकने की बात सामने आई है। दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए होटल या दूसरी जगह पर ठहरने का इंतजाम करना अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह स्थिति अधिक मुश्किल हो सकती है। हालांकि, वायरल वीडियो के सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
अभ्यर्थियों के सामने यात्रा खर्च और समय पर पहुंचने की चुनौती
परीक्षा केंद्र दूर होने का असर केवल यात्रा की दूरी तक सीमित नहीं है। अभ्यर्थियों को ट्रेन या बस का किराया, भोजन और जरूरत पड़ने पर ठहरने का खर्च भी उठाना पड़ सकता है। जिन उम्मीदवारों को लंबी दूरी तय करनी है, उन्हें परीक्षा से पहले ही घर से निकलना पड़ सकता है। इससे उनकी शारीरिक थकान और मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका है। वहीं, ट्रेन या बस में अधिक भीड़ होने से यात्रा में देरी का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे प्रवेश पत्र पर दिए गए पते को ध्यान से जांचें, यात्रा के लिए पर्याप्त समय रखें और केंद्र पर रिपोर्टिंग के निर्धारित समय से पहले पहुंचने की योजना बनाएं।
अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड की जानकारी जांचने की सलाह
PET 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा से पहले अपनी सभी तैयारियां पूरी करना जरूरी है। सबसे पहले प्रवेश पत्र पर परीक्षा की तारीख, पाली, केंद्र का पूरा पता और रिपोर्टिंग समय की जांच करनी चाहिए। इसके बाद उपलब्ध ट्रेन और बस सेवाओं के अनुसार यात्रा की योजना बनानी चाहिए। जिन अभ्यर्थियों का केंद्र दूर है, उन्हें जरूरत पड़ने पर पहले से ठहरने की व्यवस्था भी देख लेनी चाहिए। परीक्षा के दिन संभावित यातायात और भीड़ को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर निकलना बेहतर रहेगा। परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। फिलहाल, दूर परीक्षा केंद्र मिलने की शिकायतें उम्मीदवारों की परेशानी को सामने ला रही हैं।