मुंबई - बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस ने फिल्मी सितारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। जुहू और बांद्रा जैसे इलाकों में सेलिब्रिटीज के घरों के आसपास सुरक्षा कड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाए जाने और अक्षय कुमार के घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाए जाने की खबरों के बीच फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, पुलिस इस मामले में कथित साजिश, आरोपियों के संपर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद पुलिस अलर्ट
फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जुहू और बांद्रा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। इन क्षेत्रों में कई बड़े फिल्मी सितारों के घर और आवास स्थित हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बांद्रा में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके अलावा, कुछ अभिनेताओं की निजी सुरक्षा टीमों ने भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाए जाने और अक्षय कुमार के घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि और सुरक्षा में किए गए बदलावों का पूरा ब्योरा अलग से सत्यापित किया जाना जरूरी है।
ढाई महीने पहले साजिश रचने का आरोप
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इस मामले में कथित गैंगस्टर अनिल पंडित की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आरोप है कि उसने टाइगर श्रॉफ पर हमले की योजना करीब ढाई महीने पहले तैयार की थी। इसके लिए उसने कथित तौर पर तीन युवकों को अपने साथ जोड़ा था।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि योजना किस तरह बनाई गई, इसमें शामिल लोगों की क्या भूमिका थी और घटना को अंजाम देने के लिए किन संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच संपर्क और संभावित आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को भी जोड़ रही हैं।
18 वर्षीय युवक को 37 हजार रुपये भेजने का दावा
जांच के मुताबिक, अगस्त 2026 में हरियाणा के सोनीपत में रहने वाले 18 वर्षीय रेहान अंसारी से कथित तौर पर अनिल पंडित ने संपर्क किया था। बताया गया है कि दोनों के बीच वीओआईपी कॉल के माध्यम से बातचीत हुई। आरोप है कि इसी संपर्क के दौरान हमले की योजना को लेकर चर्चा की गई।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि रेहान अंसारी को 37 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस इस रकम के लेनदेन, उसके उद्देश्य और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, इन आरोपों को जांच पूरी होने और अदालत में तथ्य स्थापित होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
वीओआईपी कॉल के जरिए संपर्क की जांच
इस मामले में वीओआईपी तकनीक भी जांच का अहम हिस्सा बताई जा रही है। वीओआईपी यानी वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करके वॉयस कॉल की जा सकती है।
जांच एजेंसियां कथित तौर पर इस माध्यम से हुई बातचीत और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बातचीत किन लोगों के बीच हुई, क्या उससे साजिश से जुड़े संकेत मिलते हैं और क्या अन्य व्यक्ति भी इस मामले में शामिल थे।
क्या किसी दूसरे सेलिब्रिटी को भी बनाया जाना था निशाना?
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ के अलावा किसी अन्य बड़े फिल्मी सितारे को निशाना बनाने की योजना थी। फिलहाल इस संभावना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
टाइगर श्रॉफ पर हमले की घटना के बाद सितारों की सुरक्षा, कथित साजिश और आरोपियों के नेटवर्क को लेकर कई सवाल उठे हैं। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना के पीछे क्या योजना थी और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका क्या रही। तब तक मामले से जुड़े आरोपों और अपुष्ट दावों को आधिकारिक रूप से स्थापित तथ्यों से अलग रखना जरूरी है।