कोलकाता डेस्क: इजरायल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की एक यात्री फ्लाइट को बम की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को विमान को रास्ते से मोड़कर बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बुल्गारियाई वायुसेना का MiG-29 लड़ाकू विमान भी उसके साथ भेजा गया। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
उड़ान के दौरान मिली धमकी, रोमानिया की सीमा के पास बदला रास्ता
जानकारी के मुताबिक, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट OS82 इजरायल के तेल अवीव से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना जा रही थी। विमान रोमानिया की सीमा के पास पहुंचा था, तभी चालक दल को बम की धमकी मिलने की सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विमान के पायलट ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत विमान का रास्ता बदलने और सोफिया में आपातकालीन लैंडिंग करने का फैसला लिया।
51 यात्री और छह क्रू मेंबर थे सवार
एयरबस A320 विमान में कुल 57 लोग सवार थे, जिनमें 51 यात्री और छह चालक दल के सदस्य शामिल थे। विमान ने सोफिया एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया और सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की तलाशी शुरू की। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी।
सुरक्षा के लिए भेजा गया MiG-29 फाइटर जेट
बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, बम की धमकी मिलने के बाद वायुसेना का लड़ाकू विमान एयरलाइनर को एस्कॉर्ट करते हुए सोफिया तक पहुंचा। इस तरह की परिस्थितियों में विमान की सुरक्षा और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने जांच के लिए एक संकट प्रबंधन टीम भी गठित की।
विमान की तलाशी के बाद यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजने की तैयारी
ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने धमकी मिलने की पुष्टि की। एयरलाइन के मुताबिक, सोफिया में सुरक्षित उतरने के बाद विमान की सुरक्षा जांच की जा रही थी। तलाशी पूरी होने के बाद यात्रियों को जल्द से जल्द दूसरी उड़ान से उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की जानी थी। हालांकि, धमकी की प्रकृति और उसके पीछे कौन था, इस बारे में विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई थी।
जांच में जुटे अधिकारी
घटना के बाद बुल्गारिया के संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि विमान को बम की धमकी किसने दी और क्या यह वास्तविक खतरा था या झूठी सूचना। सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।