पेरिस - फ्रांस में लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आने की खबर है। कई शहरों में दुकानों, सार्वजनिक इमारतों और सरकारी परिसरों को निशाना बनाए जाने की सूचना है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लूटपाट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 2,400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मैक्रों की चेतावनी, नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि हिंसा, लूटपाट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। सरकार की ओर से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। प्रदर्शनों के दौरान हुई घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ी है। प्रशासन के सामने एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य गतिविधियां बहाल करने की चुनौती है।
कई शहरों में दुकानों और सरकारी इमारतों को बनाया निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में दुकानों और सार्वजनिक इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ स्थानों पर लूटपाट और आगजनी की घटनाएं भी दर्ज की गईं। इन घटनाओं के चलते स्थानीय कारोबारियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। हिंसा के बीच प्रशासन नुकसान का आकलन करने और घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटा है। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर की जाएगी।
लिमोज के ऐतिहासिक सिटी हॉल में भीषण आग
हिंसा के दौरान लिमोज शहर की एक ऐतिहासिक इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। बताया गया है कि 19वीं सदी के सिटी हॉल में भीषण आग लग गई। यह इमारत शहर की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा मानी जाती है। आग से इमारत को हुए नुकसान ने सार्वजनिक संपत्ति और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, आग लगने की परिस्थितियों और नुकसान की पूरी सीमा की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जानकारी से ही हो सकेगी।
लाखों लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की खबर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विरोध प्रदर्शनों में लाखों लोग शामिल हुए हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या, अलग-अलग शहरों में हिंसा की स्थिति और गिरफ्तारियों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल, फ्रांस में प्रशासन हिंसा की घटनाओं की जांच और कानून-व्यवस्था बहाल करने पर ध्यान दे रहा है। आने वाले समय में जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाओं में कौन-कौन शामिल था और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में कितनी कानूनी कार्रवाई की जाती है।