मिलान. इटली की आर्थिक राजधानी मिलान का प्रसिद्ध पियाजा डेल डुओमो और लग्जरी शॉपिंग आर्केड शनिवार को भीषण दंगे और उपद्रव का अखाड़ा बन गया। बढ़ती महंगाई और युद्धों के विरोध में आयोजित एक रैली के दौरान नकाबपोश उपद्रवियों ने भारी हिंसा आगजनी और दुकानों में लूटपाट की। इसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। आमतौर पर वीकेंड पर खरीदारों और पर्यटकों से गुलजार रहने वाला यह इलाका हिंसा की चपेट में आ गया। शहर के मध्य क्षेत्र में अराजकता फैल गई। सुरक्षा बल स्थिति पर नियंत्रण बनाने में जुटे।
शांतिपूर्ण मार्च से भड़की हिंसा
शनिवार दोपहर मिलान के मध्य क्षेत्र में शुरू हुआ मार्च शुरुआत में शांतिपूर्ण था। लेकिन अचानक चेहरे पर नकाब पहने उपद्रवियों के एक गुट ने कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में ले लिया। उपद्रवियों ने सड़कों के पेविंग ब्लॉक्स उखाड़कर और रेस्टोरेंट-कैफे की मेजों-कुर्सियों से बैरिकेड बनाकर उनमें आग लगा दी। दंगा रोधी पुलिस पर पत्थर और धारदार वस्तुएं फेंकी गईं। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में इटली की सैन्य पुलिस की एक पेट्रोलिंग गाड़ी पूरी तरह से जली और क्षतिग्रस्त अवस्था में दिखाई दी। शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक मोड़ ले चुका था।
लग्जरी आर्केड में लूटपाट
आमतौर पर वीकेंड पर खरीदारों और पर्यटकों से गुलजार रहने वाले लग्जरी आर्केड में उपद्रवियों ने कई शोरूम और दुकानों के शीशे तोड़कर लूटपाट की। महंगे ब्रांड्स की दुकानों को निशाना बनाया गया। कांच के टुकड़े सड़कों पर बिखर गए। कई व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पर्यटक और स्थानीय लोग घबराकर भाग निकले। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र को घेर लिया। हिंसा की घटनाओं से पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया। आर्थिक नुकसान का आकलन अभी बाकी है।
पुलिसकर्मियों की चोट और गिरफ्तारियां
इटली की न्यूज एजेंसी लाप्रेसे के अनुसार इस हिंसा में कम से कम दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जबकि 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है जिनमें कई नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। हिरासत में लिए गए लोगों की पूछताछ जारी है। नाबालिगों की मौजूदगी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
प्रधानमंत्री मेलोनी की सख्त प्रतिक्रिया
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इस हिंसा की सख्त शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन हमारे शहरों को आग के हवाले करना कोई अधिकार नहीं है। यह उन उपद्रवियों का काम है जो अराजकता फैलाने सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने और पूरे शहरों को बंधक बनाने के लिए प्रदर्शनों का ढोंग रचते हैं। मेलोनी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मेयर और प्रशासन का रुख
मिलान के मेयर ने भी हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि शहर की शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इलाकों की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। व्यापारियों को राहत पहुंचाने के उपाय किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांति बनाए रखें। हिंसा की घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज जांच में शामिल की जा रही है। दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूरोप में महंगाई के खिलाफ बढ़ता गुस्सा
फ्रांस के बाद अब इटली में भी महंगाई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। बढ़ती कीमतों और युद्धों के प्रभाव ने आम नागरिकों में असंतोष पैदा कर दिया है। मिलान की घटना यूरोप में आर्थिक दबावों का संकेत दे रही है। कई देशों में महंगाई विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकारें स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है। इटली में आगे और प्रदर्शनों की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।