यरुशलम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। नेतन्याहू ने 22 अक्टूबर को मोदी से टेलीफोन पर बातचीत के बाद यह जानकारी साझा की। उन्होंने भारत और इजरायल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों की सराहना भी की। इजरायल का वार्षिक स्वतंत्रता दिवस समारोह देश के प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। यरुशलम स्थित माउंट हर्जल पर आयोजित मशाल प्रज्वलन समारोह में आम तौर पर उन लोगों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने इजरायली समाज और देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। किसी विदेशी नेता को इस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिए जाने से भारत-इजरायल संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कैप्टन स्मित मच्छर के साथ मशाल जलाने का निमंत्रण
नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को भी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। मच्छर को हाल ही में एक विमान में हुई गंभीर घटना के दौरान साहस दिखाने के लिए सराहना मिली थी। बताया गया है कि फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान सह-पायलट ने उन पर हमला किया था। घायल होने के बावजूद मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खुलवाने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इस घटना के बाद नेतन्याहू ने पायलट के साहस की प्रशंसा की थी। अब उन्हें और प्रधानमंत्री मोदी को स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का निमंत्रण देना इस घटनाक्रम को एक व्यापक कूटनीतिक और मानवीय संदर्भ भी देता है। हालांकि, मशाल प्रज्वलित करने वालों का अंतिम चयन इजरायल की निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत होता है। इसलिए निमंत्रण को समारोह में भागीदारी की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
मोदी और नेतन्याहू के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा
टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। चर्चा में पश्चिम एशिया के हालात और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता भी शामिल रही। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्रीय संघर्षों का समाधान खोजने की जरूरत पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत बनाने पर भी सहमति जताई।
भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी का महत्व
भारत और इजरायल के संबंध रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार विकसित हुए हैं। जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे। इस यात्रा को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसके बाद दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है। रक्षा उपकरणों, तकनीकी नवाचार, कृषि अनुसंधान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों के बीच साझेदारी महत्वपूर्ण बनी हुई है। पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए इजरायल के साथ संबंधों को मजबूत बनाए रखने के साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर जोर देना भी अहम है।
मशाल समारोह पर टिकी निगाहें
नेतन्याहू का निमंत्रण भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते संबंधों को रेखांकित करता है। यदि प्रधानमंत्री मोदी और कैप्टन स्मित मच्छर समारोह में हिस्सा लेते हैं, तो यह दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से एक उल्लेखनीय अवसर होगा। फिलहाल, समारोह में उनकी भागीदारी और मशाल प्रज्वलन की अंतिम औपचारिकताओं को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार रहेगा। इस बीच, दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क और रणनीतिक सहयोग को लेकर चर्चा जारी है।