पन्ना के उत्तर सामान्य वनमंडल अंतर्गत जनवार वन क्षेत्र में लेंटाना की झाड़ियों के बीच मादा तेंदुए का शव मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही वन अमले ने मौके पर पहुंचकर डॉग स्क्वाड की मदद से सघन जांच की। विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, जिसमें तेंदुए के सभी महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित पाए गए। वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
घटनास्थल सुरक्षित कर डॉग स्क्वाड से कराई गई जांच
वन अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर उसकी घेराबंदी की। इसके बाद खोजी श्वान दल (डॉग स्क्वाड) की मदद से घटनास्थल और आसपास के वन क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े संभावित साक्ष्य जुटाना और मादा तेंदुए की मौत के कारणों का पता लगाना है। वन विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की
विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, सभी अंग सुरक्षित
मादा तेंदुए का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों के पैनल ने किया। इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता और पशु चिकित्सालय पन्ना के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह बुंदेला शामिल रहे। जांच के दौरान तेंदुए के नाखून, दांत, खाल सहित सभी महत्वपूर्ण अंग सुरक्षित पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार शव का दाह संस्कार किया गया।कार्रवाई के दौरान मुख्य वन संरक्षक, छतरपुर वन वृत्त नरेश सिंह यादव, पन्ना तहसीलदार अखिलेश प्रजापति, साहस एनजीओ के सहायक परियोजना समन्वयक चंद्रभान तिवारी और जनवार ग्राम पंचायत के सरपंच रामखिलावन चौधरी मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 63/15, दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को पंजीबद्ध किया है। फिलहाल मादा तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आगे की कानूनी और विभागीय जांच जारी है।