कोलकाता: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को कहा कि उसने कोलकाता में एक कंपनी के कई परिसरों पर छापेमारी के बाद आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किये, जिसके सीईओ टीएमसी सांसद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं। लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तीन परिसरों पर 21-22 अगस्त को तलाशी ली गई।
कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद
संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई इस मामले में गिरफ्तार आरोपी सुजय कृष्ण भद्र के खिलाफ की गई, जो कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) थे। आरोप है कि कंपनी का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया। ईडी ने कहा कि सुजय कृष्ण भद्र अप्रैल, 2012 से मार्च, 2016 तक इस कंपनी में निदेशक थे। जबकि अभिषेक बनर्जी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं।
ईडी ने क्या कहा?
ईडी ने कहा, तलाशी अभियान (Abhishek Banerjee) के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद और जब्त किए गए। 35 वर्षीय अभिषेक बनर्जी ने हमेशा गलत काम करने से इनकार किया है और ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया है।
कुल पांच आरोप पत्र दायर किए गए
इस जांच के तहत ईडी ने मई में भद्रा को गिरफ्तार किया था। इसमें पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी कथित सहयोगी अर्पिता मुखर्जी, टीएमसी विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य, टीएमसी युवा विंग के नेता कुंतल घोष और शांतनु बनर्जी, अयान सिल को भी गिरफ्तार किया गया था।
पार्थ चटर्जी को टीएमसी ने कर दिया था निलंबित
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों (Abhishek Banerjee) के तहत कुल पांच आरोप पत्र दायर किए हैं। ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद पार्थ चटर्जी को टीएमसी ने निलंबित भी कर दिया था। इस मामले में अब तक 126 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
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