गांधीनगर में 17 से 19 अगस्त के बीच जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के साथ पांच अन्य कार्यक्रम भी होंगे, जिसमें मुख्य आयोजन पारंपरिक चिकित्सा पर डब्ल्यूएचओ का पहला वैश्विक शिखर सम्मेलन है। इसमें 42 देशों के स्वास्थ्य मंत्री, डब्ल्यूएचओ के सभी छह क्षेत्रीय निदेशक और यूएन अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
42 देशों के स्वास्थ्य मंत्री कर रहे चर्चा
अगस्त को गुजरात के गांधीनगर में पहले वैश्विक शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें डब्ल्यूएचओ की ओर से दुनिया के बाकी देशों के लिए रूपरेखा जारी की जाएगी, जिसे इसी साल भारत की अध्यक्षता में हुई तीन जी-20 स्वास्थ्य बैठकों में तैयार किया है। डब्ल्यूएचओ की वैश्विक रूपरेखा में उन सभी देशों की तकनीकों को शामिल किया है, जिनके जरिए बड़ा बदलाव आया है। भारत ने कोरोना महामारी में टीकाकरण के लिए कोविन वेबसाइट, सार्वभौमिक टीकाकरण के लिए यूविन और दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के लिए जिन तकनीकों का इस्तेमाल किया है उन्हें भी इसमें शामिल किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव का बयान
अपनी तरह की पहली वैश्विक पहल का उद्देश्य डेटा अभिसरण, स्वास्थ्य प्लेटफार्मों का इंटरफेस और दुनिया भर में डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण अंतरिम चिकित्सा प्रति उपाय (एमसीएम) लाने पर भी काम कर रहा है, जो अगले स्वास्थ्य आपातकाल से पहले नेटवर्क दृष्टिकोण का एक नेटवर्क है और भारत डब्ल्यूएचओ के सहयोग से दुनिया के बाकी देशों के लिए नेतृत्व कर रहा है।
आपको बता दें कि गांधीनगर में 17 से 19 अगस्त के बीच जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के साथ पांच अन्य कार्यक्रम भी होंगे, जिसमें मुख्य आयोजन पारंपरिक चिकित्सा पर डब्ल्यूएचओ का पहला वैश्विक शिखर सम्मेलन है।
Written By: Dilip Pal
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