केस में जवाहदेही तय करने के लिए होगा सख्त आदेश
याचिकाकर्ता संगठन कुटुंब की याचिका पर हाईकोर्ट ने बुधवार को एमसीडी व दिल्ली सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए अदालत ने एमसीडी आयुक्त व संबंधित जिला उपायुक्त और जांच अधिकारी को पेश होने का आदेश दिया था। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया था कि मामले में जवाहदेही तय करने के लिए सख्त आदेश पारित किया जाएगा। पढ़ें सुनवाई के दौरान पल-पल का अपडेट:याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ने कहा कि शांति नगर के पास पुलिस चौकी के कारण नाला बाधित है।
पुलिस की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता संजय जैन ने कहा कि पुलिस ने कोई भी नाला बाधित नहीं किया है।
एमसीडी की तरफ से पेश हुए मनु चतुर्वेदी ने कहा कि नाले की सफाई कर दी गई है।
कोर्ट ने कहा कि हम मामले में हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं और हल तभी निकलेगा जब सभी एक -दूसरे के साथ काम करेंगे।
कोर्ट ने पूछा ड्रेनेज सिस्टम में बताइए।
कोर्ट को बताया गया कि जहां घटना घटी वहां जल निकासी की व्यवस्था लगभग न के बराबर थी और सड़कें नालियों की तरह काम कर रही थीं।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा: इस परिदृश्य में अधिकतम एक व्यक्ति माफी का हकदार है। यदि आप हमें यह नहीं बताएंगे कि तथ्य क्या हैं। यह ब्रदर्स क्लब नहीं है, पुलिस का सम्मान तब होता है जब वह अपराधी पर मामला दर्ज करती है और निर्दोष को छोड़ देती है। यदि आप निर्दोष पर मामला दर्ज करेंगे और दोषी को छोड़ देंगे तो यह बहुत दुखद होगा।
दिल्ली पुलिस: बेहद तनाव के बीच हमने अपनी जांच की।
कोर्ट: समस्या यह है, हम सभी बहुत तनाव में हैं लेकिन इसी स्थिति में हमें अपने तमाम अनुभव से स्थिति को संभालना होता है। हम तनाव में नहीं आ सकते, जैसे ही हम तनाव में आते हैं तो गलत कदम उठा लेते हैं। और इस मामले में कुछ गलत कदम उठाए गए हैं। कृपया वैज्ञानिक तरीके से जांच करें, किसी भी तनाव में न आएं।
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