नई दिल्ली: कांग्रेस ने देशभर में दो महीने तक चलने वाले ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का ऐलान किया है। पार्टी इस अभियान के जरिए चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचेगी। अभियान के दौरान कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के साथ आम लोगों से सीधे संवाद की रणनीति पर भी काम करेगी।
दो महीने तक चलेगा कांग्रेस का अभियान
कांग्रेस का यह अभियान करीब दो महीने तक अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में चलाया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर मतदाता अधिकारों और चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस का फोकस खास तौर पर इस बात पर रहेगा कि मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को व्यापक स्तर पर उठाया जाए।
वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया पर फोकस
कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। इसी मुद्दे को केंद्र में रखते हुए ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के जरिए कांग्रेस अपनी बात जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली
अभियान का एक बड़ा राजनीतिक पड़ाव 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली मेगा रैली होगी। इस कार्यक्रम में INDIA गठबंधन के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। रैली के जरिए विपक्षी दल चुनावी व्यवस्था और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
INDIA गठबंधन को एक मंच पर लाने की तैयारी
रामलीला मैदान की रैली को कांग्रेस की ओर से विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है। INDIA गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी से कांग्रेस इन मुद्दों को संयुक्त विपक्ष के अभियान के तौर पर पेश करने की कोशिश करेगी।
जनता के बीच जाकर मुद्दे उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने अभियान को सिर्फ बड़े राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति बनाई है। पार्टी कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में लोगों से संपर्क करेंगे और चुनाव से जुड़े मुद्दों पर उनकी भागीदारी बढ़ाने की कोशिश करेंगे। आने वाले दिनों में अभियान के तहत कांग्रेस के कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।