नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने हिंदू धर्म यानी सनातन में वापसी करने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे अपने पूर्वजों की सच्चाई को स्वीकार करने जा रही हैं। नाजिया ने बताया कि वे जल्द ही सनातन धर्म में औपचारिक रूप से वापसी करेंगी। इस घोषणा के साथ उन्होंने अपने हालिया कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान के पक्ष में बोलना समान नागरिक संहिता का समर्थन करना और इस्लाम की कुरीतियों पर बात करना उनके सिद्धांतों का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सब बातों के कारण कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि उन्हें मार डालना ही इस्लाम को बचाने का तरीका है। उनकी यह घोषणा चर्चा का विषय बन गई है।
लोनी विधायक को पिता स्वरूप बताया
नाजिया इलाही खान ने गाजियाबाद के लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को पिता स्वरूप बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि विधायक उनके साथ खड़े हुए हैं और उन्होंने उन्हें अपना गोत्र दिया है। इस भावनात्मक बयान के साथ नाजिया ने अपने सनातन में लौटने के संकल्प को और मजबूत किया। विधायक के समर्थन को वे अपने नए जीवन की शुरुआत से जोड़कर देख रही हैं। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। नाजिया का कहना है कि यह समर्थन उन्हें अपनी जड़ों की ओर लौटने का साहस दे रहा है।
पूर्वजों की सच्चाई स्वीकार करने का संकल्प
नाजिया इलाही ने जोर देकर कहा कि वे अपने पूर्वजों की असलियत को स्वीकार करने जा रही हैं। उनके अनुसार जो उनके पूर्वजों की सच्चाई है उसी सनातन धर्म को वे अपनाने जा रही हैं। उन्होंने हालिया दिनों में मध्य प्रदेश के रामघाट जाकर श्राद्ध कर्म किया और वहां से हुंकार भरी कि वे सनातन में आने वाली हैं। इस संकल्प को उन्होंने अपने लंबे वैचारिक सफर से जोड़ा। संविधान के पक्ष में खड़े होना समान नागरिक संहिता का समर्थन करना और गलत प्रथाओं का विरोध करना उनकी सोच का हिस्सा रहा है। अब वे इस सोच को अपनी धार्मिक पहचान से जोड़ रही हैं।
मध्य प्रदेश में श्राद्ध कर्म और पितरों का स्मरण
बीते दिनों नाजिया इलाही ने मध्य प्रदेश के रामघाट में जाकर श्राद्ध और पितृपक्ष का कर्म किया था। पितृपक्ष के बाद उन्होंने कहा कि वे जल्द सनातन धर्म में वापसी करने जा रही हैं। इस कर्म को उन्होंने अपने पूर्वजों से जुड़ने का माध्यम बताया। इंदौर क्षेत्र में किए गए इस श्राद्ध ने उनकी घोषणा को और मजबूती दी। उन्होंने वहां से साफ संदेश दिया कि वे अपनी जड़ों की ओर लौटने के लिए तैयार हैं। धार्मिक अनुष्ठान के बाद उनकी यह घोषणा सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं में जगह बना चुकी है। कई लोग इसे उनकी वैचारिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव मान रहे हैं।
पाकिस्तान से मिली धमकी
नाजिया इलाही खान को उनकी घोषणा और पिछले बयानों के कारण पाकिस्तान से धमकी मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी गतिविधियों को लेकर कुछ लोगों को ऐसा एहसास होता है कि उन्हें मार डालना ही सही होगा। इस धमकी के बावजूद वे अपने संकल्प पर अडिग दिख रही हैं। सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच उन्होंने अपने विचारों को खुलेआम रखा है। मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संदर्भ में भी इस मामले पर चर्चा हो रही है। नाजिया का कहना है कि वे डरकर अपने रास्ते से नहीं हटेंगी।
नाजिया इलाही खान का सफर और भाजपा से जुड़ाव
नाजिया इलाही मूल रूप से बंगाल की रहने वाली हैं। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की है। वे सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं और तीन तलाक मामले में इशरत जहां की कानूनी सलाहकार के रूप में पहचान बनाई थी। इसके बाद 2018 में वे औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुईं। वर्तमान में वे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़ी हुई हैं। उनके वैचारिक रुख और सार्वजनिक बयानों ने उन्हें चर्चाओं में बनाए रखा है। सनातन में वापसी का यह ऐलान उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर का नया अध्याय माना जा रहा है।