Lucknow | ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व और संभावित गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। लखनऊ एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर लगातार अपनी बात जनता के बीच रख रही है।
सपा से गठबंधन के सवाल पर क्या बोले ओवैसी?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM और विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा चल रही है। लखनऊ एयरपोर्ट पर ओवैसी से सपा के साथ गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया। ओवैसी ने कहा कि “हमने अपनी बात कह दी है। बिहार में जो हुआ, वो सबने देखा है।” उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन को लेकर AIMIM की स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है और यदि कोई गठबंधन होता है तो इसकी जानकारी दी जाएगी। इससे पहले ओवैसी उत्तर प्रदेश में गठबंधन की संभावना को खुला रखने की बात कह चुके हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वही गठबंधन जारी रहेगा, जिसने 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
‘मुसलमान सिर्फ वोट बैंक नहीं’
ओवैसी ने मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन की जरूरत महसूस की जाती है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी देने के सवाल पर उन्हें पीछे रखा जाता है। AIMIM प्रमुख ने कहा कि मुसलमानों की भूमिका केवल वोट देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक भागीदारी की मांग करते हुए कहा कि समुदाय को अपने अधिकारों और प्रतिनिधित्व के लिए खुद आवाज उठानी होगी। उन्होंने अपने भाषणों में इस्तेमाल किए गए तीखे राजनीतिक तंज का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमानों को केवल नेताओं के समर्थन में नारे लगाने या चुनाव के दौरान वोट देने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
यूपी में बड़ी मुस्लिम राजनीतिक पार्टी के मुद्दे पर निशाना
ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल नहीं चाहते कि मुसलमानों की कोई बड़ी राजनीतिक पार्टी खड़ी हो और समुदाय की राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़े। उनका कहना है कि AIMIM इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ओवैसी पहले भी कह चुके हैं कि AIMIM 2027 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी कर रही है और गठबंधन नहीं होने की स्थिति में पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरेगी।
मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को भी उठाया
ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों और धार्मिक स्थलों को लेकर भी सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे माहौल में राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत करना जरूरी है। हालांकि, इन मुद्दों पर ओवैसी द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। संबंधित मामलों में सरकारों और अन्य राजनीतिक दलों के अपने अलग-अलग पक्ष रहे हैं।
2027 चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर गतिविधियां तेज हैं। AIMIM जहां मुस्लिम राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को प्रमुखता दे रही है, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपने मौजूदा गठबंधन को लेकर आगे बढ़ने की बात कह चुके हैं। ऐसे में ओवैसी के ताजा बयान को उत्तर प्रदेश में AIMIM की राजनीतिक रणनीति और विपक्षी गठबंधन की संभावनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी नए गठबंधन को लेकर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।