नई दिल्ली - समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तराखंड के लोगों को लेकर दिए गए कथित बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे देवभूमि के लोगों के सम्मान और राज्य के संघर्ष का अपमान बताया है। धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव का करीब नौ सेकंड का वीडियो साझा करते हुए उनसे जुड़े बयान पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर भाजपा ने भी समाजवादी पार्टी के मुखिया पर निशाना साधा है।
सीएम धामी ने उठाया उत्तराखंड आंदोलन का मुद्दा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। इस धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना राज्य के स्वाभिमान और यहां के लोगों के संघर्ष का अपमान है।
धामी ने अपने बयान में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उस समय उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलीबारी हुई थी। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक घटना का हवाला देते हुए अखिलेश यादव के बयान पर सवाल उठाए।
उन्होंने कांग्रेस से भी पूछा कि क्या वह अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है और क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना उसे स्वीकार है। धामी ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
उत्तराखंड भाजपा ने भी साधा निशाना
उत्तराखंड भाजपा ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में उत्तराखंड आंदोलनकारियों पर हुई गोलीबारी का उल्लेख करते हुए कहा कि अब उनके बेटे उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बता रहे हैं। भाजपा ने इसे देवभूमि के स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि राज्य के संघर्ष और बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी की ओर से इस बयान को लेकर राजनीतिक जवाबदेही की मांग भी की गई।
अखिलेश यादव के बयान पर क्यों मचा विवाद?
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कथित तौर पर कहा था कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड से हैं। इसी टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं की ओर से लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। हालांकि, बयान के संदर्भ और पूरे वीडियो को देखना इस विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल मुख्यमंत्री धामी और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
राज्य आंदोलन का इतिहास फिर चर्चा में
उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग लंबे जनआंदोलन के बाद पूरी हुई थी। रामपुर तिराहा की घटना राज्य आंदोलन के इतिहास की प्रमुख और संवेदनशील घटनाओं में गिनी जाती है। मुख्यमंत्री धामी ने इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख कर अखिलेश यादव के बयान पर सवाल उठाए हैं।
अब इस विवाद में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल भाजपा ने इस बयान को उत्तराखंड के लोगों के सम्मान से जोड़ते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।