देहरादून | उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है, लेकिन केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 60 लाख के पार पहुंच गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के साथ हेमकुंड साहिब में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन पांचों धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को हुआ था। इस बार मानसून सीजन के दौरान भी यात्रा का संचालन जारी रहा। अब यात्रा शीतकालीन चरण की ओर बढ़ रही है। बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद होने के बाद नियमित चारधाम यात्रा शीतकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। इसके बाद श्रद्धालु संबंधित धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर दर्शन कर सकेंगे।
चारधाम और हेमकुंड साहिब में 60 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
इस वर्ष उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 60 लाख से अधिक हो चुकी है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह यात्रा उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। यात्रा मार्गों पर होटल, परिवहन, भोजनालय और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इससे रोजगार मिलता है।
किस धाम में कितने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष पांचों धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार है:
| धार्मिक स्थल | दर्शन करने वाले श्रद्धालु |
|---|---|
| बदरीनाथ धाम | 20,70,500 |
| केदारनाथ धाम | 17,65,520 |
| यमुनोत्री धाम | 9,45,572 |
| गंगोत्री धाम | 8,38,422 |
| हेमकुंड साहिब | 3,90,696 |
| कुल | 59,10,710 |
इन आंकड़ों का कुल योग 59,10,710 है। इसलिए 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का दावा करने से पहले संबंधित आंकड़ों की नवीनतम स्थिति की पुष्टि आवश्यक है।
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में उमड़ रही भीड़
यात्रा के अंतिम चरण में भी बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, दोनों धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशानिर्देशों के अनुरूप यात्रा को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
16 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
चारधाम यात्रा के समापन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 नवंबर को कपाट बंद होने के बाद नियमित यात्रा शीतकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। सर्दियों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण चारों धामों में नियमित दर्शन संभव नहीं रहते। ऐसे में श्रद्धालु शीतकालीन प्रवास स्थलों पर पूजा-अर्चना कर सकेंगे। शीतकालीन यात्रा की तारीखों और व्यवस्थाओं के लिए संबंधित प्रशासन की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने श्रद्धालुओं की आस्था को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 60 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को उत्तराखंड के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक बताया मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मानसून में भी जारी रही चारधाम यात्रा
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मानसून सीजन के दौरान भी यात्रा का संचालन जारी रहा। हालांकि, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग मार्गों पर व्यवस्थाओं में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे निकलने से पहले मौसम, सड़क की स्थिति, पंजीकरण और संबंधित धाम की आधिकारिक यात्रा संबंधी सूचना की जांच कर लें।