कोलकाता: दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बनी मौसमी हलचल के बीच शुक्रवार, 2 अक्टूबर को राज्य के तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम बंगाल के तट पर कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए शुक्रवार को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। कोलकाता में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। महानगर में उमस के बीच बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना है। मौजूदा पूर्वानुमानों में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की स्थिति नहीं दिख रही है।
कोलकाता में उमस के बीच बादलों की आवाजाही
शुक्रवार को कोलकाता में सुबह से ही मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन के दौरान धूप के साथ बादल छाने और कुछ इलाकों में हल्की बौछार की संभावना बनी हुई है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान में शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।हालांकि, फिलहाल कोलकाता के लिए भारी बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। ऐसे में पूजा की तैयारियों में जुटे लोगों और पंडाल आयोजकों को व्यापक बारिश की स्थिति से तत्काल बड़ी परेशानी की आशंका नहीं है।
बंगाल के तटीय इलाकों में बारिश की संभावना
IMD के ताजा तटीय मौसम बुलेटिन के अनुसार, पश्चिम बंगाल के तट पर कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। समुद्री क्षेत्र में भी अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक की गतिविधि की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसे फिलहाल व्यापक भारी बारिश वाले सिस्टम के रूप में नहीं देखा जा रहा है। गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए 2 अक्टूबर को IMD ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है। 3 अक्टूबर के लिए भी इस क्षेत्र में कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
उत्तर बंगाल में कुछ इलाकों में बारिश संभव
उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना नहीं है। खासकर पहाड़ी और आसपास के इलाकों में स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, मौजूदा IMD चेतावनी में दक्षिण बंगाल की तरह उत्तर बंगाल के लिए भी किसी बड़े या व्यापक मौसम संकट का संकेत नहीं है। मौसम की स्थिति स्थानीय बादल बनने और छिटपुट बारिश के आधार पर बदल सकती है।
पूजा से पहले क्या रहेगा मौसम का रुख?
दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि 2 अक्टूबर के IMD अपडेट में गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूजा की तैयारियों पर व्यापक बारिश का बड़ा असर पड़ेगा। हालांकि, तटीय इलाकों और कुछ स्थानीय क्षेत्रों में अचानक बौछार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम विभाग के अगले अपडेट से पूजा के दौरान मौसम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।