भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट कहा कि दुनिया का भरोसा भारत पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत अब केवल निवेश का स्थान नहीं रहा, बल्कि गहरी तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी दुनिया की पहली पसंद बन चुका है। वैश्विक कंपनियाँ और निवेशक भारत की तकनीकी ताकत, नीति–ढांचे और व्यापक डिजिटल आधारभूत संरचना को भविष्य का बड़ा अवसर मान रहे हैं।
विश्व का आकर्षण तीन मोर्चों पर केंद्रित
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रति तीन मुख्य मोर्चों पर खास आकर्षण देखा जा रहा है। पहला, एआई और उससे जुड़े ढाँचों में तेज निवेश की संभावनाएँ। दूसरा, वैश्विक वेंचर निवेशकों द्वारा भारतीय गहरी तकनीक वाले स्टार्टअप को मिल रहा उत्साहजनक सहयोग। और तीसरा, वह मजबूत डिजिटल ढाँचा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार हुआ और जिसने एआई के प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है। मंत्री ने अनुमान जताया कि आने वाले दो वर्षों में एआई क्षेत्र और उससे जुड़े ढाँचों में 200 अरब डॉलर से अधिक की राशि लग सकती है।
जनसंख्या–स्तर पर समाधान प्रदान करने की क्षमता
उन्होंने कहा कि विश्व के बड़े उद्योग–समूहों के प्रमुख अधिकारी भारत के डिजिटल ढाँचे से प्रभावित हैं। भारत की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहाँ विकसित कोई भी तकनीकी समाधान करोड़ों लोगों तक सहजता से पहुँच जाता है। यह वह क्षमता है जो दुनिया के बहुत कम देशों में देखने को मिलती है और यही निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक तत्व साबित हो रही है। विशाल जनसंख्या के बीच समाधान लागू कर पाना भारत को तकनीकी प्रयोगों और नवाचारों के लिए आदर्श भूमि बनाता है।
युवाओं में एआई को लेकर जबरदस्त उत्साह
समारोह की सफलता पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि इस आयोजन में तीन लाख से अधिक युवाओं, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। हर सत्र पूरा भरा हुआ रहा और युवाओं में यह ऊर्जा स्पष्ट दिखी कि किस प्रकार एआई का उपयोग करके देश की बड़ी समस्याओं को सुलझाया जाए। यह उत्साह भारत के तकनीकी भविष्य की एक मजबूत तस्वीर पेश करता है।
संतुलित और जिम्मेदार तकनीकी विकास की दिशा में प्रयास
अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य तकनीक के लाभों और उससे संभावित हानियों के बीच समुचित संतुलन बनाकर आगे बढ़ना है। एआई जितना लाभकारी है, उतना ही सावधानी का विषय भी है। इसलिए सरकार एक ऐसी नीति पर चल रही है जो सुरक्षा, निजता और पारदर्शिता के साथ एआई के विकास को आगे बढ़ाए।
भारत का एआई भविष्य विश्व के लिए मिसाल
एआई के क्षेत्र में तेजी, संसाधन, निवेश, डिजिटल ढाँचा और युवाओं की ऊर्जा—ये सारी परिस्थितियाँ मिलकर भारत को विश्व–स्तरीय एआई शक्ति बना रही हैं। अगले दो वर्षों में आने वाला भारी निवेश न केवल भारत के एआई परिदृश्य को बदल देगा, बल्कि विश्व–स्तर पर भी भारत की भूमिका और मजबूत करेगा।
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