मध्यप्रदेश के स्कूलों में अतिथि शिक्षकों को अब नहीं हटाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर नाराजगी जताई थी। सीएम चौहान ने बुधवार को बुरहानपुर में आयोजित सभा के दौरान मंच से कहा कि अतिथि शिक्षकों को हटाया नहीं जाएगा, उन्हें सेवा में रखने का काम जारी रहेगा। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश स्थगित कर दिया है। इस संबंध में संशोधित आदेश बुधवार रात जारी कर दिया।
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थगित किया आदेश
स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक डीएस कुशवाहा ने आदेश में कहा है कि अतिथि शिक्षकों को हटाने संबंधी जारी किया गया आदेश स्थगित किया जाता है। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक ने सभी जिलों के डीईओ, बीईओ और संकुल प्राचार्यों ने इस मामले में नया आदेश जारी कर कहा था कि जिन स्कूलों में नियमित शिक्षक पदस्थ हो चुके हैं, वहां अतिथि शिक्षकों को हटाने का काम कर शासन को इसकी सूचना दें। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। संचालक लोक शिक्षण द्वारा जारी आदेश में 2 अक्टूबर 2023 के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया था कि नियमित शिक्षकों की उपस्थिति उपरांत बुलाए गए अतिथि शिक्षकों के आनलाइन बिल जनरेट करके कार्यमुक्त करने के निर्देश तब दिए गए थे। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि अतिथि शिक्षक पोर्टल पर प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियमित शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति के बाद भी संकुल प्राचार्यों द्वारा अतिथि शिक्षकों को जीएफएमएस पोर्टल से कार्यमुक्त नहीं किया गया है।Read More: अब तक की सबसे ज्यादा प्रस्ताव वाली कैबिनेट बैठक, पांढुर्णा और मैहर बनेंगे जिले
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