मध्यप्रदेश में एक बार फिर लंपी वायरस का खतरा बढ़ गया है। राज्य की राजधानी भोपाल के शहरी इलाकों में बहुत सारे गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, एक सप्ताह में ही राजधानी में 32 केस लंपी वायरस के मिले हैं। अब इससे प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है।
सतर्कता बरतते हुए कई गोवंश की जांच की गई
प्रशासन ने लंपी वायरस को गंभीरता से लिया है। सतर्कता बरतते हुए कई गोवंश की जांच की गई, जिसमें से 19 गोवंश को पशु आश्रय स्थल में रखा गया है। बता दें कि, कई पशु उनके मालिकों के पास ही हैं जिनसे भी खतरा बढ़ गया है। वहीं आगे इस को लेकर प्रशासन ने सभी पशु पालकों को अलर्ट रहने को कहा है।
संक्रमित गोवंश को ठीक होने में 7 दिन लगते हैं
वहीं चिकित्सकों के अनुसार, पशुओं के ब्लड सैंपल को लैब में भेजा जाता है। 2 से 3 दिन में सैंपल की रिपोर्ट आती है। जिन पशुओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उन्हें क्वारंटाइन कर इलाज शुरू कर दिया जाता है। वहीं इस मामले को लेकर डॉक्टरों ने बताया कि, यह वायरस पशुओं में एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। यही कारण है कि, संक्रमित और स्वस्थ गोवंश को दूर-दूर रखा जाता है। डॉक्टर ने आगे बताया है कि, संक्रमित गोवंश को ठीक होने में 7 दिन लगते हैं। संक्रमण के दौरान पशु दूध देना भी बंद कर देता है।
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