किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला लगभग थम गया है। धूप निकलने से अब दिन का तापमान भी बढ़ने लगा है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में बनी तीन मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज हुआ।
शनिवार को जबलपुर, इंदौर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 23 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून के वापस जाने की शुरुआत भी हो सकती है।
बता दें कि प्रदेश में इस सीजन में 1 जून से लेकर 20 सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे तक मध्य प्रदेश में कुल 1062.4 मिमी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश (917.9 मिमी.) की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। पंजाब और उससे लगे पाकिस्तान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। बंगाल की खाड़ी में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, गुना, जमशेदपुर, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला लगभग थम गया है। धूप निकलने से अब दिन का तापमान भी बढ़ने लगा है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में बनी तीन मौसम प्रणालियों के कारण कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज हुआ।
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