एमपी में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। चुनाव के लिए MP कांग्रेस कई स्तर पर अपनी फिल्डिंग मजबूत करने में जुटी है। जहां भारतीय जनता पार्टी के लंबे शासन से पनपे एंटी-इनकॉम्बेंसी को अपने लिए घातक हथियार बना रही है, तो वहीं छोटे-छोटे वोटरों के ब्लॉक को अड्रेस करने की भी रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में कांग्रेस ने एक खास रणनीति बनाई है, जिसके तहत युवा, महिला और किसान के बाद अब आदिवासियों के घर तक पहुंचने की तैयारी में है।
आदिवासियों के लिए कांग्रेस अलग से वचन-पत्र ला रही है
मिली जानकारी के अनुसार, इस समुदाय के लिए कांग्रेस पार्टी ने अलग से वचन-पत्र लाने की घोषणा की है। इसके लिए पार्टी के नेता आदिवासियों के घर-घर जाएंगे और उनके मद्दों की जानकारी लेंगे। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का कहना है कि, वह आदिवासी समुदाय के लिए काफी फिक्रमंद रही है। लिहाजा, उनके नेता घर-घर जाकर उनके मुद्दों को समझेंगे और वचन-पत्र में शामिल करेंगे। कांग्रेस के घोषणा-पत्र में आदिवासी समुदाय एक अहम अंग होगा।
एमपी में 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें आदिवासी बहुल हैं
आपको बता दें कि, एमपी में 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें आदिवासी बहुल हैं। इन सीटों के परिणाम से ही राज्य में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन सभी सीटों पर बीजेपी अपने पाले में करने के लिए एड़ी चोटी का जोड़ लगा रही हैं, तो वहीं कांग्रेस भी पीछे नहीं हैं, कांग्रेस इन सीटों पर सेंधमारी करने की जुगत में है। इसी कड़ी में शहडोल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी सभा को बहुत जल्द ही संबोधित करने वाले हैं।
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