हरे बांस मंडप छाए सिया जू खो राम ब्याहन आए, बन्ना खो चढ़ गओ हरदी तेल, बन्ना मोरो पीरो पर गओ री जैसे बुंदेली विवाह गीतों से पूरी ओरछा नगरी गूंज उठी, तो यह गीत भगवान राम और माता सीता के विवाह महोत्सव को उल्लास की कई गुना बढ़ा रहे थे। भगवान के मंडप और हल्दी की रस्म का आलम यह था कि मंदिर में पैर रखने की जगह नहीं थी और श्रद्धालु थे कि अपने राजा के विवाह की हल्दी के रंग में रंग जाने को आतुर बने हुए थे।
चंदन और हल्दी से भगवान राम का उबटन
राम जानकी विवाह महोत्सव में भगवान के विवाह के मंडप की रस्म अदा की गई। दोपहर को राजभोग की आरती के बाद पुरोहित और पुजारियों ने यह रस्म अदा की। पुजारियों ने अष्टगंध चंदन और हल्दी से राम का उबटन किया तो यहां अपनी पत्नी के साथ पहुंचे कलेक्टर लोकेश सिंह जांगिड़ ने भगवान के विवाह का मंडप डाल कर खाम लगाई।
उन्होंने अपनी पत्नी के साथ भगवान के मेर का पूजन भी किया। पूजन के बाद बुंदेली रीति के अनुसार कलेक्टर और उनकी पत्नी ने एक-दूसरे को भगवान के उबटन की हल्दी लगाकर इस रस्म को पूरा किया। इसके बाद यही हल्दी श्रद्धालुओं को लगाई गई। अपने राजा के विवाह की हल्दी लगाने हर कोई आतुर था। ऐसे में मंदिर का पूरा आंगन कम पड़ता दिखाई दे रहा था। यहां पर महिलाओं के साथ ही युवतियां नाच-गाकर अपने राजा के विवाह महोत्सव का आनंद मना रही थी।
दीपों की रोशनी से कंचन से जगमगाया कंचना घाट
श्रीराम-जानकी विवाह के अवसर पर प्रशासन द्वारा कंचना घाट पर एक लाख दीपक जलाएं गए थे। कंचना घाट की सीढ़ियों से लेकर पूरे परिसर में जब यह दीपक जलाए गए तो पूरा कंचना घाट कंचन की तरह जगमगा उठा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि एवं नगर के लोग उपस्थित रहे। सभी ने यहां पर दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान के विवाह की खुशियां मनाई।
आज राजशी ठाठ से निकलेगी बारात
आज शुक्रवार को श्रीराम की बारात पूरे राजशी ठाठ से निकाली जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। आज शुक्रवार की शाम 7 बजे मंदिर से भगवान की बारात निकाली जाएगी। दुल्हा सरकार के रूप में पालकी में बैठकर बाहर आने पर भगवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद बारात पूरे नगर में भ्रमण करेंगी। यहां पर हर घर के बाहर दुल्हा सरकार का टीका किया जाएगा।
Comments (0)