मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को सुबह आठ बजे से 52 जिला मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना प्रारंभ होगी। 5,061 टेबलों पर डाक मत पत्र और इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोटों की गिनती होगी। इसके लिए 20,244 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मतगणना प्रारंभ होने के पहले तक सेवा मतदाता के जो डाक मत पत्र प्राप्त हो जाएंगे, उन्हें गणना में शामिल किया जाएगा।
आधे घंटे पहले मत पत्रों की गिनती
मतगणना डाक मत पत्रों की गिनती से प्रारंभ होगी। आधे घंटे बाद यानी साढ़े आठ बजे से ईवीएम के वोट गिने जाएंगे। दोनों गणना साथ-साथ चलेंगी और जो भी पहले पूरी हो जाएगी, उसके परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और मतगणना केंद्र पर बिना प्रवेश पत्र किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
झाबुआ में सर्वाधिक 26 चरण में मतगणना
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि परिणाम में विलंब न हो, इसके लिए आयोग की अनुमति से जिस जिले ने जितनी टेबल बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, उसे मान्य किया गया है। डाक मत पत्रों की गिनती के लिए 692 टेबलें लगाई गई है। इस बार तीन लाख 90 हजार 285 मतदाताओं ने डाक मत पत्रों के माध्यम से मतदान किया है। इसमें सेवा मतदाता शामिल नहीं हैं। सर्वाधिक 26 चक्र में झाबुआ और सबसे कम 12 चक्र में सेवढ़ा विधानसभा सीट की गणना पूरी होगी।
केंद्रीय प्रेक्षक पहुंचे, प्रत्येक गणना टेबल पर रहेंगे माइक्रो आब्जर्वर
मतगणना के लिए केंद्रीय प्रेक्षक जिला मुख्यालयों पर पहुंच चुके हैं। प्रत्येक गणना टेबल पर एक माइक्रो आब्जर्वर रहेगा। स्ट्रांग रूम से ईवीएम विधानसभावार अलग-अलग मार्ग से मतगणना स्थल पर पहुंचाई जाएंगी। पूरी मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। जिला पुलिस बल के साथ राज्य का सशस्त्र बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है। मतगणना के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों को अलग-अलग संभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
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