मध्य प्रदेश के नेता और किसानों की चिंता एक जैसी ही है। इस साल मानसून के खत्म होने के बाद सूबे में विधान सभा के चुनाव होने हैं। नतीजों के लिए सभी पार्टियों के नेता आसमान की तरफ ताक रहे हैं। बारिश न होने से किसान भी आसमान देख रहे हैं। सूबे में 45 जिले ऐसे हैं जहां बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं अब बारिश कम होने पर सियासत भी देखने को मिलने लगी है। राज्य में बारिश कम होने पर एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सरकार से सर्वे की मांग की है।
कमलनाथ ने सीएम शिवराज से की ये मांग
पीसीसी चीफ कमलनाथ ने "एक्स" पर लिखा है कि, प्रदेश में इस बार भीषण सूखे की स्थिति बन रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से में कम वर्षा हुई है। जलाशयों में पानी पूरी तरह से नहीं भर पाया है। फसलें सूख रही हैं। प्रदेश की अधिकांश किसान आबादी इससे सीधी प्रभावित हो रही है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह उत्सव मोड से बाहर आएं और तत्काल सर्वे कार्य शुरू कर किसानों को राहत देने की व्यवस्था शुरू करें।
जनता को झूठे वादों की नहीं, सच्चे इरादों की जरूरत है
पूर्व सीएम कमलनाथ आगे "एक्स" पर लिखा कि, अपने कल मुख्यमंत्री का जो बयान सामने आया, वह चुनौती का सामना करने से अधिक आपदा को अवसर में बदलने की चालबाजी जैसा प्रतीत हुआ। प्रदेश की जनता ने पूर्व में भी देखा है कि शिवराज सरकार आपदा को अपने हित में अवसर में बदल लेती है और जनता के लिए संत्रास पैदा करती है। जनता को झूठे वादों की नहीं, सच्चे इरादों की जरूरत है।
कई जिलों में सामान्य से भी कम बारिश हुई है - मौसम विभाग
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों में कई इलाकों में छिटपुट बारिश के आसार हैं। इसके बाद अगले एक से दो दिनों में पूर्वी मध्यप्रदेश में रेनफॉल एक्टिविटी बढ़ने के आसार है। आपको बता दें कि, मानसून विदाई की कगार पर है लेकिन, प्रदेश में अभी कर औसत से कम बारिश हुई है। वहीं कई जिलों में सामान्य से भी कम बारिश हुई है।
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