बारिश के मौसम में अधिकतर मौसमी बीमारियां फैलती है और इन बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य अमला सतर्क सावधान रहता है। लेकिन, इस बार मध्य प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश के बीच आई फ्लू का खतरा बढ़ गया है। एमपी के दमोह जिले में अचानक लोग आई फ्लू का शिकार हो रहे हैं। बीते एक हफ्ते में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन बेहद परेशान है।
कंजनटिन वायटिस
आई फ्लू या कंजनटिन वायटिस तेजी से फैलने वाली बीमारी है और वायरस डिसीज है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रभावित मरीज के मामूली संपर्क में आने के बाद ही ये बीमारी दूसरे व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती है और बहुत तेजी से लोगों के बीच अपना असर दिखाती।
मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी
दमोह जिले के अलग अलग इलाको में कुछ मरीज सामने आये थे। लेकिन, अचानक इन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। अब तमाम ब्लाक में आई फ्लू के मरीज मिल रहे हैं। आई फ्लू से सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे शिकार हो रहे हैं। शायद ही दमोह का कोई स्कूल हो जहां बच्चे इसके शिकार न हुए हों। जिले के नेत्र चिकित्सको के यहां मरीजों की अच्छी खासी भीड़ है और इनमें 99 फीसदी मरीज आई फ्लू के ही है।
बच्चों को स्कूल न भेजें
बच्चों में तेजी से फैलते आई फ्लू को लेकर डॉक्टरों ने सलाह दी है कि आई फ्लू से प्रभावित बच्चों को स्कूल न भेजें अन्यथा ये बच्चे दूसरे बच्चों को बीमारी फैला सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टर्स ने एडवाइजरी भी जारी की है जिससे प्रभावित लोग घबराएं नहीं बल्कि सावधानी बरतें और उचित इलाज लेकर इस बीमारी से बच सकें।
इस तरह करें आई फ्लू से बचाव
जिसे आई फ्लू है वो व्यक्ति काला चश्मा पहने। टीवी या मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। आंखों को बार-बार हाथ न लगाएं। इन्फेक्शन से बचने के लिए बारिश से बचें। आंखों को गुनगुने पानी से साफ करें। आंखों को साफ करने के लिए साफ और सूती कपड़े का इस्तेमाल करें।
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