CG NEWS : रायपुर, छत्तीसगढ़। आज छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रथम स्वप्नदृष्टा, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती है। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए नमन किया है।
भूपेश बघेल ने कही यह बात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि, "छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रथम स्वप्नदृष्टा, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार डॉ. खूबचंद बघेल जी की जयंती पर हम सब सादर नमन करते हैं। डॉ. खूबचंद बघेल जी किसान-मजदूर हितैषी और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर जीवन के अंतिम समय तक छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे। उन्होंने अपना पूरा जीवन छत्तीसगढ़ के हितचिंतन में लगा दिया। उन्होंने अपने विचार मूल्यों से छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा दी, जिसका हम सब अनुसरण कर रहे हैं।"मोहन मरकाम ने कही यह बात
वहीं, हाल ही में कैबिनेट मंत्री बने मोहन मरकाम ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "आजीवन मानवता की सेवा में समर्पित रहे, महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी, छत्तीसगढ़ महतारी के सेवक माटी पुत्र डॉ. खूबचंद बघेल जी की जयंती पर सादर नमन करता हूँ। उनका त्यागपूर्ण जीवन सदैव मानवता की सेवा हेतु हम सभी को प्रेरित करता रहेगा।"डॉ. रमन सिंह ने किया ट्वीट
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. खूबचंद बघेल जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। समाज कल्याण हेतु समर्पित उनका जीवन तथा गरीब व वंचितों को उनके अधिकार दिलवाने हेतु किया गया उनका संघर्ष अविस्मरणीय है।"शिव कुमार डहरिया ने कही यह बात
वहीं, छत्तीसगढ़ के मंत्री शिव कुमार डहरिया ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "छतीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा, महान स्वतंत्रता सेनानी एवम् साहित्यकार डॉ. खूबचंद बघेल जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।" वहीं, अगर डॉ. खूबचंद बघेल के बारे में बात करें, तो खूबचंद बघेल उन लोगों में से एक थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की नींव रखी। वे जाति, धर्म, भाषा, मूल निवासी की संकुचित अवधारणाओं से परे थे। उनका मानना था कि, ‘छत्तीसगढ़िया’ वही है जो छत्तीसगढ़ के हित की बात करता है। डॉ. खूबचंद बघेल का जन्म 19 जुलाई, 1900 को रायपुर जिले के पथरी गांव में हुआ था। उनके पिता जुड़ावन प्रसाद एवं माता केतकी बाई थी। डॉ. खूबचंद बघेल ने साल 1920 में नागपुर के राबर्ट्सन मेडिकल कालेज से शिक्षा ग्रहण किया। नागपुर में ही उन्होंने विजय राघवाचार्य की अध्यक्षता में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में मेडिकल कोर के सदस्य के रूप में सम्मिलित हुए। खूबचंद बघेल की मृत्यु 22 फरवरी 1969 को दिल्ली में हुयी थी। खूबचंद बघेल उस समय राज्यसभा सदस्य थे और दिल्ली में ही रहते थे।Read More: जगदलपुर में स्थानीय मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने किया प्रदर्शन निकाली रैली
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