मध्य प्रदेश के देवास से एक बुरी खबर सामने आ रही है। देवास स्थित एक बिल्डिंग में आ लग गई। इस हादसे में 2 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई है। हादसा इतना दर्दनाक था कि बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर मौजूद पति-पत्नी और उनके दोनों बच्चे आग में जिंदा झुलस गए। आग लगने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। यह मामला देवास के नयापुरा शहर का है। शुक्रवार की देर रात एक बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। इस बिल्डिंग में नीचे डेयरी चलती थी। वहीं मकान की दूसरी मंजिल पर एक शादीशुदा दंपत्ति रहती थी। पति का नाम दिनेश और पत्नी का नाम गायत्री था। हादसे के दौरान उनके दोनों बच्चे इशिका और चिराग भी घर में मौजूद थे।
कैसे लगी आग?
खबरों की मानें तो दिनेश पेशे से कारपेंटर था और उसने मकान के नीचे वाले हिस्से में डेयरी खोल रखी थी। वहीं शुक्रवार की देर रात अचानक से डेयरी में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और दूसरी मंजिल पर मौजूद परिवार इस आग की भेंट चढ़ गया।
फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
बिल्डिंग में आग की खबर पूरे इलाके में फैल गई है। स्थानीय लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचा। काफी देर की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है। हालांकि पूरा परिवार आग में बुरी तरह से झुलस गया और उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
बता दें कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक डेयरी संचालित होती थी, जबकि प्रथम तल खाली था। इस तल पर बड़ी संख्या में ज्वलनशील पदार्थ और गैस सिलेंडर रखे गए थे। आग लगने के बाद विस्फोट होने से स्थिति और भयावह हो गई। नगर निगम और बीएनपी की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान दूसरी मंजिल से चार शव निकाले गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। शुरुआती जांच के मुताबिक, इस हादसे ने सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी को उजागर कर दिया है। ज्वलनशील पदार्थों और गैस सिलेंडरों को आवासीय इमारत में रखना बेहद खतरनाक साबित हुआ।
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