CG NEWS : रायपुर, छत्तीसगढ़। बीते दिन मंगलवार 18 जुलाई को रायपुर में विधानसभा मानसून सत्र के दौरान फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे 267 लोगों के नौकरी करने वालों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, एसटी-एससी युवाओं ने नग्न प्रदर्शन किया था। एक दर्जन से ज्यादा युवाओं ने विधानसभा के पास हाथ में तख्तियां लेकर विरोध किया। इस दौरान निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा निर्वस्त्र होकर बनाये, गये अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया था। वहीं, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस प्रशासन ने नग्न होकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं के वीडियो वायरल करने वालों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
अब मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कहा....
पुलिस ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि, प्रदर्शनकारियों द्वारा बनाये गये अश्लील वीडियो को यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया में या अन्य माध्यम से प्रचार- प्रसार कर अश्लीलता फैलाने का प्रयास करेगा, तो उसके विरूद्ध भी आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए नग्न प्रदर्शन के वीडियो को किसी को फारवर्ड या शेयर ना करें। बता दें, पुलिस ने निर्वस्त्र होकर प्रदर्शनकर रहे 29 आरापितों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों द्वारा जिला प्रशासन से निर्वस्त्र होकर विधानसभा घेरने हेतु अनुमति मांगी गयी थी, जिन्हें अनुमति न देकर निरस्त कर दिया गया था। साथ ही उन्हें जानकारी भी उपलब्ध कराई गई थी जो मांग आप लोगों के द्वारा की जा रही है उनमें से पूर्व में भर्ती हुए और लंबे समय से कार्यरत फर्ज़ी जाति प्रमाण पत्र वाले 267 लोगों पर कार्रवाई के संबंध में राज्य शासन द्वारा संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए साल 2020 में पत्र जारी किया गया था।
Read More: Chhattisgarh Vidhansabha: विधायक धर्मजीत सिंह कांग्रेस सरकार पर कंसा तंज कहां - रेत तस्करों को संरक्षण देने वाले लोग.....
Comments (0)