भोपाल, गैस त्रासदी के 40 साल बाद भी, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में जहरीले कचरे के निपटान में देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने बुधवार को पूछा कि क्या वे 'एक और त्रासदी का इंतजार' कर रहे हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने धार जिले में रखे 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे को चार हफ्तों में निपटाने का आदेश दिया है। अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो मुख्य सचिव और गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव को 6 जनवरी, 2025 को कोर्ट में हाजिर होना होगा।
यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन को लेकर एमपी हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाया है। एक महीने के अंदर कचरा निपटान के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो टूक शब्दों में कहा है कि अवमानना झेलने के लिए तैयार रहें।
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