साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। खासतौर पर उज्जैन, मंदसौर समेत कई जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने फिलहाल शुक्रवार से अगले तीन दिन तक किसी बड़ी चेतावनी से इनकार किया है, लेकिन 23-24 फरवरी को फिर से बारिश की संभावना जताई है।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा असर
पिछले दो दिनों से प्रदेश में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन जिले के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गईं, जिससे दानों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सर्वे कार्य शुरू कर दिया है।
25 जिलों में बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में वर्षा रिकॉर्ड की गई। इनमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, शिवपुरी, धार, श्योपुर और अन्य जिले शामिल हैं। श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किमी प्रति घंटा तक पहुंची, जबकि नालछा क्षेत्र में करीब 1 इंच वर्षा दर्ज की गई।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात के साथ प्रदेश में ट्रफ लाइन की सक्रियता भी बनी रही, जिससे लगातार दो दिन तक बारिश और ओले गिरे। उत्तरी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई और गर्मी का असर कम रहा।
भोपाल में इन दिनों रातें ठंडी और दिन अपेक्षाकृत गर्म बने हुए हैं। वहीं ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड जारी है, जहां उत्तरी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान अक्सर काफी नीचे दर्ज होता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 23-24 फरवरी को फिर से बारिश का दौर लौट सकता है।
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