कोलकाता डेस्क: फिल्म ‘द वन’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और फिल्म में ‘छठी मैया’ गीत भी दर्शकों का ध्यान खींच रहा है। इस गाने में तमन्ना भाटिया छठ घाट के माहौल में आस्था के रंग में डूबी नजर आती हैं। बड़े पर्दे पर छठ महापर्व की भव्यता और आस्था को दिखाने के लिए फिल्म में खास तरह का सेट तैयार किया गया था। हालांकि, इस गाने को पर्दे पर देखना जितना खास है, इसकी शूटिंग का अनुभव तमन्ना के लिए उससे कहीं ज्यादा भावुक रहा। फिल्म की रिलीज के बाद तमन्ना ने ‘प्रभात खबर’ से बातचीत में शूटिंग के दौरान महसूस किए गए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पानी में खड़े होकर छठ की आस्था को महसूस करना उनके लिए बिल्कुल अलग अनुभव था। इसी दौरान कई ऐसे पल आए, जब वह भावुक हो गई थीं।
पानी में शूटिंग के दौरान भर आई थीं तमन्ना की आंखें
तमन्ना ने बताया कि ‘छठी मैया’ गाने की शूटिंग के दौरान वह काफी समय तक पानी में खड़ी रही थीं। शूटिंग के दौरान वह सिर्फ कैमरे के सामने एक किरदार नहीं निभा रही थीं, बल्कि छठ पर्व के माहौल और उससे जुड़ी आस्था को महसूस करने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इसी दौरान वह इतनी भावुक हो गई थीं कि कई बार उनकी आंखें भर आईं। तमन्ना के साथ उनके सिनेमैटोग्राफर भी पानी में मौजूद थे और पूरी टीम उस खास माहौल को कैमरे में कैद करने की कोशिश कर रही थी। अभिनेत्री ने इस अनुभव को बेहद ‘मैजिकल’ बताया। उनके मुताबिक, उस समय उन्हें महसूस हुआ कि छठ सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है।
‘जिसका अस्त होता है, उसका उदय भी तय है’
तमन्ना ने छठ के सबसे खास संदेशों में से एक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिंदगी में हर किसी को अच्छे और बुरे दौर से गुजरना पड़ता है। मुश्किल समय में इंसान कई बार उम्मीद खो देता है और उसे लगता है कि परिस्थितियां कभी नहीं बदलेंगी। लेकिन छठ में ढलते सूरज के साथ उगते सूरज की भी पूजा की जाती है। तमन्ना के लिए यही बात इस पर्व को और खास बनाती है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस संदेश की गहराई को समझा, तो वह अंदर तक प्रभावित हो गई थीं। उनके मुताबिक, छठ यह विश्वास दिलाता है कि अगर किसी चीज का अस्त होता है, तो उसका उदय भी तय है।
एक रील ने भी तमन्ना को कर दिया था हैरान
शूटिंग के दौरान छठ की आस्था को महसूस करने के साथ तमन्ना ने सोशल मीडिया पर देखी एक रील का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रील में एक परिवार का अनुभव साझा किया गया था, जिसमें एक बेटा बेहद गंभीर हालत में था। दावा किया गया था कि उसकी मां ने छठी मैया का व्रत रखा और इसके बाद वह ठीक हो गया। तमन्ना ने कहा कि इस तरह की कहानियां उन्हें सोचने पर मजबूर करती हैं। उनके मुताबिक, फिल्म में जब किसी आस्था को पर्दे पर दिखाया जाता है, तो वह सिनेमा का हिस्सा होती है। लेकिन जिन लोगों की जिंदगी में यह आस्था वास्तव में मौजूद है, उनके लिए यह सिर्फ कहानी नहीं होती। यही बात उन्हें ‘छठी मैया’ गाने की शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा महसूस हुई।
फिल्म रिलीज होने के बाद और खास हो गया शूटिंग का अनुभव
अब जब ‘द वन’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, तो तमन्ना के लिए ‘छठी मैया’ गाने से जुड़ी शूटिंग की यादें और भी खास हो गई हैं। जिस छठ घाट को उन्होंने शूटिंग के दौरान सेट पर महसूस किया था, वही अनुभव अब बड़े पर्दे पर दर्शकों तक पहुंच रहा है। तमन्ना ने इस गाने के जरिए छठ की आस्था और उसके संदेश को करीब से महसूस किया। शूटिंग के दौरान पानी में खड़े होकर भावुक होने से लेकर छठ के गहरे संदेश को समझने तक, यह पूरा अनुभव उनके लिए यादगार रहा। अब दर्शक जब ‘छठी मैया’ गीत को सिनेमाघरों में देख रहे हैं, तो पर्दे पर दिख रही तमन्ना के पीछे उस शूटिंग का एक भावुक अनुभव भी जुड़ा हुआ है।