मस्कट/तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के सोहार एंकरेज के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ है। इस घटना के बाद दो भारतीय नाविक लापता बताए जा रहे हैं, जबकि जहाज पर सवार नौ अन्य भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने टैंकर पर ड्रोन हमले की पुष्टि की है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव भी जारी है।
UKMTO ने की ड्रोन हमले की पुष्टि
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, ओमान के सोहार एंकरेज के पास एक टैंकर पर बिना चालक वाले हवाई वाहन यानी ड्रोन से हमला किया गया। एजेंसी ने शुरुआती सूचना के बाद घटना को हमले के रूप में वर्गीकृत किया। रिपोर्टों के मुताबिक, यह जहाज MT Petro Dolphin है, जिस पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। भारतीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, नौ भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। यूकेएमटीओ ने शुरुआती अपडेट में नुकसान और समुद्री पर्यावरण पर संभावित प्रभाव की जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही। घटना के बाद स्थानीय अधिकारी बचाव अभियान में जुटे हैं।
दो भारतीय नाविकों की तलाश जारी
हमले के बाद लापता दोनों भारतीय नाविकों का पता लगाने के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने बताया है कि वह संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मामले की निगरानी कर रहा है। भारतीय अधिकारियों और स्थानीय एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए लापता नाविकों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-अमेरिका के बीच तनाव
समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान की ओर से रखी गई सात शर्तों पर अमेरिकी जवाब पर्याप्त नहीं है। रेजाई के अनुसार, अमेरिका ने कुछ शर्तों को स्वीकार किया है, लेकिन कई मुद्दों पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी मांगें पूरी होने तक आगे की बातचीत को लेकर सहमत नहीं है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी शर्तें पूरी होने पर सात दिनों के भीतर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर सामान्य जहाजरानी बहाल की जा सकती है। अमेरिका ने कतर के मध्यस्थों के माध्यम से जवाब दिया है। हालांकि, ईरान के इन दावों और शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
सोहार एंकरेज के पास टैंकर पर हुए हमले ने खाड़ी क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका रहती है। फिलहाल ओमान में लापता भारतीय नाविकों की तलाश प्राथमिकता बनी हुई है। वहीं, क्षेत्र में जारी तनाव के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा और ईरान-अमेरिका के बीच कूटनीतिक प्रयासों पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है।