रूम हीटर लंबे समय तक चलने पर कमरे की ऑक्सीजन कम कर देते हैं और हवा भारी-सी महसूस होने लगती है। इससे कई बार चक्कर, सिरदर्द या घुटन जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि कमरे में हल्का-सा वेंटिलेशन बना रहे। खिड़की का एक पल्ला थोड़ा खुला छोड़ देने से ताज़ी हवा का आवागमन बना रहता है और गैसों के जमाव का खतरा भी घट जाता है।
सोते समय हीटर चालू छोड़ने से बचें
अक्सर लोग पूरी रात हीटर चालू रखकर सो जाते हैं, जबकि यह आदत हानिकारक हो सकती है। लगातार गर्म हवा मिलने से शरीर का पानी कम हो सकता है, त्वचा और गला सूख सकते हैं और कुछ मामलों में ओवरहीटिंग होने पर आग लगने का जोखिम भी बढ़ सकता है। बेहतर यही है कि सोने से पहले हीटर बंद कर दें या फिर टाइमर का प्रयोग करें, ताकि वह सीमित समय तक ही चलता रहे।
बच्चों और बुज़ुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें
रूम हीटर का तापमान कई बार इतना बढ़ जाता है कि पास जाने से जलन या चोट लग सकती है। खासकर छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी होती है। इसीलिए हीटर को हमेशा सुरक्षित दूरी पर रखें और उसके आसपास पर्याप्त खाली स्थान छोड़ें। पालतू जानवरों को भी हीटर से दूर रखना उतना ही ज़रूरी है।
नमी कम होने से होने वाली परेशानी
रूम हीटर का लगातार उपयोग कमरे की नमी कम कर देता है। इसका असर हमारी त्वचा, होंठ और गले पर दिखाई देने लगता है, जिससे रूखापन, जलन या खांसी जैसी समस्या हो सकती है। यदि आपको लगे कि वातावरण बहुत सूखा हो रहा है, तो पर्याप्त पानी पिएँ, मॉइश्चराइज़र का प्रयोग करें और समय-समय पर चेहरे व गले को हाइड्रेट रखें।
कमरे में पानी का एक कटोरा रखना क्यों फायदेमंद है
यदि आप रात में रूम हीटर चलाते हैं, तो कमरे में पानी से भरा एक छोटा-सा कटोरा या बाउल रखना बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। हीटर से उठने वाली गर्मी के कारण पानी धीरे-धीरे वाष्पित होता है, जिससे कमरे में नमी का स्तर संतुलित बना रहता है। इससे त्वचा और गले का सूखापन काफी हद तक कम होता है और सांस लेने में भी आराम महसूस होता है। ध्यान रखें कि पानी का बर्तन सुरक्षित स्थान पर हो और हीटर के बहुत पास न रखा जाए
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