Asaduddin Owaisi - गुजरात दंगा पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' को लेकर छिड़ा संग्राम खत्म हाने का नाम ही नहीं ले रहा हैं। इस विवाद पर पूरा विपक्ष बीबीसी के साथ खड़ा नजर आ रहा तो वहीं दूसरी ओर ब्रिटेश पीएम और सांसद इस डॉक्यूमेंट्री को बकवास बता रहे हैं। इस विवाद के बाद बीबीसी के दिल्ली और मुंबई के दफ्तर में आयकर विभाग ने छापेमारी की। अब इस मामले पर ओवैसी (Asaduddin Owaisi) का बयान सामने आया हैं।
बीबीसी के दफ्तरों में आयकर के सर्वे की विपक्षी पार्टियों कर रही हैं निंदा
आपको बता दें कि, बीबीसी के दफ्तरों में आयकर की टीम का सर्वे जारी रहा। अब इस सर्वे को लेकर देश की विपक्षी पार्टियों की ओर से लगातार निंदा की जा रही हैं। इस बीच, अब एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का भी बयान सामने आया है।
फ्रीडम ऑफ प्रेस होनी चाहिए
भारत में बीबीसी पर आईटी छापेमारी को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, फ्रीडम ऑफ प्रेस होनी चाहिए। यदि प्रेस सिर्फ सत्तारूढ़ दल की तारीफ करने वाली खबरें दिखाएगा और सरकार की आलोचना करने वाली खबरों को नजरअंदाज करेगा, तो यह लोकतंत्र को कमजोर करेगा। उन्होंने आगे सवाल करते हुए कहा कि, गुजरात में जो हुआ, उससे कौन इनकार कर सकता है। आज छापेमारी की जा रही है।
पीएम अडानी का नाम लेने से भी डरते हैं - Asaduddin Owaisi
असदुद्दीन ओवैसी यही नहीं रुके आगे कहा कि, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद भारत की एक बड़ी शख्सियत (अडानी) की 40% दौलत खत्म हो गई। वे (मोदी सरकार) सुप्रीम कोर्ट का बहाना बना रहे हैं। हम सोचते थे कि पीएम मोदी चीन का नाम लेने से डरते हैं, लेकिन अब वह उनका (अडानी का) नाम लेने से भी डरते हैं।
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