Animal Welfare Board: भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने 14 फरवरी को काउ हग डे (Cow Hug Day) मनाने की अपील को शुक्रवार 10 फरवरी को वापस ले ली। बोर्ड द्वारा काउ हग डे मनाने की अपील के बाद इस फैसले के पक्ष और विपक्ष में कई प्रकार के तर्क पक्ष और विपक्ष में चल रहे थे। इस मामले पर लगातार हो रहे विवाद को देखते हुए मंत्रालय ने अपने अपील को वापस लेने का फैसला किया है। पशु कल्याण बोर्ड (animal welfare board) ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। मालूम हो कि इससे पहले भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (animal welfare board) ने वैदिक परंपरा को बढ़ावा देने के लिए 14 फरवरी को 'काउ हग डे' (Cow Hug Day) मनाने की अपील की थी।
सोशल मीडिया पर दिखी नाराजगी
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की तरफ से 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे की बजाए काउ हग डे के रूप में मनाने की अपील के बाद सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी गई थी। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक्स की बाढ़ आ गई थी। हालांकि, गाय को गले लगाने के फायदे भी हैं। पशु कल्याण बोर्ड ने उदाहरण दिया था कि गाय को गले लगाने से "भावनात्मक समृद्धि" आएगी और "व्यक्तिगत और सामूहिक खुशी" बढ़ेगी।
एलामारम करीम ने हास्यास्पद बताया
बता दें कि सीपीआई के एलामारम करीम ने गाय हग डे को "हास्यास्पद" फैसला और देश के लिए शर्मनाक बताया था। कांग्रेस की रजनी पाटिल ने कहा था, "मैं एक किसान परिवार से हूं। मैं सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर दिन अपनी गाय (Cow) को गले लगाती हूं और यह केवल बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए है।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया था सपोर्ट
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Union Minister Giriraj Singh) ने गुरुवार को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (Animal Welfare Board of India) की सलाह का सपोर्ट करते हुए कहा कि 14 फरवरी को काउ हग डे (Cow Hug Day) मनाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि हम सभी को गाय से प्यार करना चाहिए और उसे गले लगाना चाहिए। मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ये बहुत अच्छा फैसला है, गायों को गले लगाया जाना चाहिए। मैं पुरुषोत्तम रूपाला (Purushottam Rupala) जी के मंत्रालय के फैसले का स्वागत करता हूं।
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