न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कई तरह के विषयों पर खुलकर बात की है। उन्होंने मुगल इतिहास से लेकर भाजपा राज्य सरकार के कार्यों तक हर चीज पर अपने विचार साझा किए हैं । अमित शाह के मुताबिक, बीजेपी इतिहास में किसी के योगदान को मिटाना नहीं चाहती है।
हर सरकार के अपने वैधानिक अधिकार होते हैं- शाह
एएनआई को दिए इंटरव्यू में शाह (Amit Shah) ने कहा कि किसी के योगदान को खत्म नहीं किया जाना चाहिए और न ही हम चाहते हैं कि इसे हटाया जाए। लेकिन अगर कोई देश की परंपरा को विकसित करना चाहता है, तो किसी को शिकायत नहीं होनी चाहिए। शाह ने कहा कि हमने एक भी शहर का नाम नहीं बदला है जिसका पूर्व में कोई पुराना नाम नहीं था। हमारी सरकार ने सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद फैसले लिए हैं। प्रत्येक सरकार के अपने वैधानिक अधिकार होते हैं।
#WATCH | The contribution of no one should be removed, neither do we want to remove them...We have not changed the name of even a single city which previously did not have an old name: Union Home Minister Amit Shah on allegations of erasing Mughal history by renaming cities pic.twitter.com/rYgthweHHZ
— ANI (@ANI) February 14, 2023
पंडित नेहरू के योगदान को हटाने के आरोप का भी दिया जवाब
जम्मू-कश्मीर के इतिहास को फिर से लिखने और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान को मिटाने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर शाह (Amit Shah) ने कहा कि अनुच्छेद 370 को देश के पहले प्रधानमंत्री की सरकार ने संविधान में शामिल किया और इससे भारत को बहुत नुकसान पहुंचा था।
अमित शाह ने कहा कि "अनुच्छेद 370 नेहरू जी के कारण लागू हुआ। 1950 से ही हमारे एजेंडे में था कि इसे लागू नहीं करना चाहिए था। इससे देश को बहुत नुकसान हुआ। अब जिस तरह से जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य हो रहे हैं, उससे जिस तरह से आतंकवादी और आतंकी हमले कम हो रहे हैं, यह साबित हो रहा है। आप आंकड़े देख सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में कई बदलाव हो रहे हैं।"
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