Kanpur Agni Kaand: कानपुर के रूरा के मड़ौली गांव में 18 घंटे पहले जमीन विवाद में कब्जा हटाने के दौरान मां-बेटी को जिंदा जला देने का मामला सामने आया है। लेकिन अबतक वहां से मां-बेटी के शव को हटाया नहीं गया है। परिजनों की मांग है कि मुख्यमंत्री को गांव बुलाया जाए और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। ऐसा होने पर ही परिजन शव को उठाने की इजाजत देंगे। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को मनाने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कई राजनीतिक दल गांव पहुंचने वाले हैं, जिसकी वजह से वहां पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।
दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- Brajesh Pathak
कानपुर आयुक्त डॉ राज शेखर ने बताया कि घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी की तलाश जारी है। घटना के बाद लेखपाल और एसडीएम को निलंबित किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने कहा कि अधिकारियों से बात हो रही है, किसी भी हाल में दोषियों को माफ़ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल जाएगा परिजनों से मिलने
मां-बेटी की इस घटना (Kanpur Agni Kaand) के बाद राजनीतिक हवा तेज हो गई है। मड़ौली गांव में हुए इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने ट्वीटर पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि हमारे प्रतिनिधि मंडल मां-बेटी के परिवार से मिलने जाएगा।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 14, 2023
बिना घर वालों को सूचित किए बना निर्माण गिराया
दिवंगत प्रमिला के बेटे शिवम दीक्षित तहरीर ने लिखा कि इस जमीन पर हमारे बाबा निवास करते थे। 14 जनवरी को मैथा एसडीएम, लेखपाल व रूरा एसओ बुलडोजर लेकर बिना किसी सूचना के मकान गिराने आ गए। उस दिन कुछ निर्माण गिराया व 10 से 12 दिन का समय दिया गया कि इसे खुद गिरा लो। इसके बाद सोमवार को एक टीम बुलडोजर लेकर आई और बिना घर वालों को सूचित किए बना निर्माण गिराने लगे। आरोप है कि लेखपाल ने आग लगा दी और एसडीएम ने कहा कि आग लगा दो झोपड़ी में कोई न बच पाए। इसी घटना में मां-बेटी की झुलस कर मौत हो गई।
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