महाशिवरात्रि के मौके पर झारखंड के पांकी इलाके के भगतसिंह (मस्जिद) चौक पर तोरणद्वार बनाने को लेकर दो समुदाय आपस में भिड़ गए हैं (Panki Violence)। इस दौरान पवित्र स्थल से पत्थर फेंके गए, जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए। दो मोटरसाइकिल और एक घर में आग लगा दी गई। कुछ वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। सूत्रों के मुताबिक स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।
जानिए पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, महाशिवरात्रि पूजा के लिए तोरणद्वार के निर्माण के दौरान यह विवाद हुआ है। इसके बाद दोनों पक्षों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान करीब 15 लोग जख्मी हो गए (Panki Violence)। उपद्रवियों ने धार्मिक स्थल पर भी पत्थरबाजी की। दो मोटरसाइकिल और एक कार को भी आग लगा दिया गया। हंगामे के दौरान पेट्रोल बम फेंके जाने की भी खबरें आई हैं। इलाके में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण है। हिंसा की वजह से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।
धारा 144 लागू
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एसडीएम राजेश साह ने पांकी थाना क्षेत्र में धारा-144 लागू कर दी। इसके अलावा, क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। आईजी, डीसी और एसपी सहित कई थानों में भारी पुलिस बल तैनात है।
उपायुक्त ने पांकीवासियों से की शांति की अपील
उपायुक्त अंजनेयुलु डोड्डे के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम पांकी पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करने लगी। स्थिति की गंभीरता (Panki Violence) को देखते हुए काफी संख्या में फोर्स सड़क पर उतरी। पूरे क्षेत्र में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी गई है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। उपायुक्त डोड्डे ने जनता से अफवाहों पर विश्वास नहीं करने का आग्रह किया है, और अगर कोई सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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