Jharkhand : झारखंड क पलामू के पांकी बाजार में बुधवार को तोरण द्वार लगाने को लेकर दो गुटों में हिंसा हो गई। वहीं आज देवघर में प्रशासन ने महा शिवरात्री के मौके पर निकाली जाने वाली शिव बारात के रास्ते को बदल दिया है। इसी के साथ जिले के के अनुमंडल इलाके में एसडीओ के आदेश के बाद महा शिवरात्रि के पर्व पर पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई। इसे लेकर मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। शिव बारात किस रास्ते से निकलेगी, इसे लेकर सांसद निशिकांत दुबे और जिला प्रशासन आमने-सामने हैं। कई संगठनों भी जताया विरोध।
बारात निकलने की परंपरा कायम रहे
देवघर में धारा 144 लगाने पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि मैं ये मानता हूं कि ये हेमंत सोरेन का पतन का रास्ता है। जो भी अधिकारी उनका साथ दे रहे हैं उनके बर्बाद होने का रास्ता है। हम चाहते हैं कि शिव बारात निकले और वर्षों की परंपरा कायम रहे। जब कोरोना काल में मंदिर बंद हुआ था तब मैं सर्वोच्च न्यायालय गया था और पूजा शुरू कराई थी। ये बाबा की नगरी है यहां किसी का अहंकार नहीं चलता।
भगवान शिव के लिए अनशन भी कर सकता हूं -मरांडी
भाजपा सांसद ने शिव बारात के रास्ते को बदले जाने पर आपत्ती जताया है। प्रशासन जिस रास्ते से शिव बारात निकालने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके बाद सांसद निशिकांत दुबे ने उसी रास्ते से अपनी कार ले जाते एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा इस रास्ते से मेरी गाड़ी मुश्किल से निकल पाती है, बारात कैसे निकलेगी। । वहीं बाबूलाल मरांडी ने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा कि यदि प्रशासन से नहीं संभला तो मैं भगवान शिव के लिए आमरण अनशन भी कर सकता हूं।
हम बेहतर सुविधा के लिए लिया गया फैसला - देवघर प्रशासन
देवघर प्रशासन ने मामले पर कहा कि , हम बारात निकालने पर रोक नहीं लगा रहे हैं हम बेहतर सुविधा के लिए फैसले ले रहे हैं, सांसद इस मामले को लेकर कोर्ट चले गए हैं। बता दें कि एक तरफ यह रस्साकशी है, तो दूसरी तरफ देवघर में महाशिवरात्री की भव्य तैयारी। वहीं भाजपा सांसद ने हाईकोर्ट की ओर रूख कर लिया है।
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